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जोगी परिवार का राज-जोग, ऋचा हाथी से अकलतरा, अमित मनेंद्रगढ़, अजीत मरवाही जाएंगे, रेणु कांग्रेस में ही रहेंगी

बसपा-जकांछगठबंधन में 5 सीटों को लेकर एक बार फिर से बात हुई। अब नए समीकरण के हिसाब से बसपा 30 पर और जकांछ 58 पर लड़ेगी। जबकि 2 सीटें सीपीआई को बस्तर में दे दी गई हैं। लेकिन इसमें सबसे अहम कड़ी यह होगी ...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
Barun Sakhajee
आम आदमी सरकारी चंगुल में......
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वफादारी

      ओकलाहोमा के एक 12 वर्षीय लड़के, केड पोप ने, अमेरिका की राष्ट्रीय फुटबॉल लीग (NFL) की 32 विभिन्न टीमों के अध्यक्षों को हस्तलिखित पत्र डाक द्वारा भेजे। केड ने उन्हें लिखा, “मैं और मेरा परिवा...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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आँसू

7 दिन पूर्व
Deepa Joshi
अल्प विराम
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प्रीत की रीत

7 दिन पूर्व
Childless Women Specialist BABA JI +91-9909794430
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ग़ज़ल "मुफ़लिसी के साए में अपना सफ़र चलता रहा" (गुरु सहाय भटनागर 'बदनाम')

मित्रों!आज श्रद्धाञ्जलि के रूप में अपने अभिन्न मित्रस्व. गुरु सहाय भटनागर 'बदनाम'की एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँआदमी फिर ज़िन्दगी के बोझ से मरता रहाआदमी है आदमी को देखकर हँसता रहाइक तर...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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कुछ कथनी है कुछ करनी है अंदर-बाहर अंतर है

बाहर क्यों भटकते होसारा चीज तो अंदर हैअपने अंदर जाकर खोजोदुनिया मस्त कलंदर हैबेवजह यूँ तिकड़मबाजीमन का क्यों पटंतर हैकुछ कथनी है कुछ करनी हैअंदर-बाहर अंतर हैहम ही हम को समझ ना पायेचंचल मन तो ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

आज का देखो भ्रांतिराम

क्रोध में ही पलता हैक्रोध लेके चलता हैआज का देखो शांतिरामबूझा-बूझा लटका-लटकाउतरा-उतरा चेहरा हैआज का देखो कांतिरामगाँधी का है अनुगामीचंद्र बोस का फिर भी नामीआज का देखो भ्रांतिरामशांति दूत ह...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
4

जिसने सबकी लुटिया डुबाया

क्रोध ने मेरा घर ढहायाक्रोध ने मेरा घर बहायाघर-आँगन की दूरियां बढ़ गईक्रोध ने ऐसा जाल बिछायामैंने दिल अपनों का तोड़ाक्रोध ने कितने बार फँसायाक्रोध अचूक हथियार है कुंदनजिसने सबकी लुटिया डुबाय...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

आदमी अकेला है उलझन की ढेर में

शाम को सुकून नहींशांति नहीं सबेर मेंआया तो आया होशआया बहुत देर मेंआदमी अकेला हैउलझन की ढेर मेंफँस चुका है जाल मेंरिश्तों की फेर मेंकुंदन तुम देखते रहोबैठे हुए मुंडेर में- कंचन ज्वाला कुंदन&nbs...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

आओ दिल की बातें करें

गले मिलें दुश्मनी भुलाएँआओ दिल की बातें करेंगम भूलें खुशियाँ मनाएंआओ दिल की बातें करेंचलो चलें हम फूल खिलाएंआओ दिल की बातें करें- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

उत्साह जिसका प्रबल है

वह हमेशा ऊपर हैसिद्धांत जिसका अटल हैवह हमेशा आगे हैउत्साह जिसका प्रबल हैवह हमेशा ऊँचा हैमन जिसका सबल है- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
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आओ दृढ़ निश्चय करो

राह के काँटों सेक्यों भला तुम भय करोकैसे पार होओगे उससेदेखो तुरंत निर्णय करोरुक-रुक कर राहों में तुमयूँ ना साहस क्षय करोमंजिल तुम्हारी राह देख रहीआगे बढ़ो विजय करोएक ही तो काम है यारोंआओ दृढ़ ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
4

गौर करो जो तुमने किया वायदा यहाँ क्या है

खुद पे विश्वास सेज्यादा यहाँ क्या हैसोचो कि सबसे बड़ाफायदा यहाँ क्या हैनीति-नियम तुम्हारे अपनेकायदा यहाँ क्या हैगौर करो जो तुमने कियावायदा यहाँ क्या है- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
1

हे मनुष्य! तुम अपने आपको कब जानोगे...?

हे मनुष्य! तुम अपने आपकोकब जानोगे...?अंदर छुपी हुई आत्मशक्ति कोकब पहचानोगे...?तुम जन्म से महान हो इस बात कोकब मानोगे...?- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

कामयाबी की खीर कब बाँटोगे...?

बुराई का गर्तकब पाटोगे...?सफलता का शर्तकब छांटोगे...?जेहन की जंजीरकब काटोगे...?कामयाबी की खीरकब बाँटोगे...?- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

मन से मिन्नत करो कि मन मगन हो जाये

अपना ये जुनून यारोंअगन हो जायेमन से मिन्नत करो किमन मगन हो जायेऔर काम करो ऐसा किलगन हो जाये- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
1

सारी शक्तियां लक्ष्य में निचोड़ दो

सारी शक्तियां लक्ष्य मेंनिचोड़ दोअंदर जो भी क्षमता हैझिंझोड़ दोराहों के फरेब सारेतोड़ दोकमियां एक किनारा करोछोड़ दोवह चलके इधर आये, उसकी दिशा किमोड़ दोमंजिल से ऐसा रिश्ता किजोड़ दो- कंचन ज्वाला क...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

आसमां में नाम अपना लिखा दो

मन को हुनरसिखा दोएक जगह उसेटिका दोफिर तुम क्या होदिखा दोआसमां में नाम अपनालिखा दो- कंचन ज्वाला कुंदन...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

मन क्यों दुखी मन से पूछो निराशा समझो

अपने मन कीभाषा समझोहै क्या उसकीअभिलाषा समझोमन की हमसे उम्मीद क्या हियाआशा समझोमन क्यों दुखी मन से पूछोनिराशा समझो- कंचन ज्वाला कुंदन...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
3

फिर कहो भाग्य कैसे संवर पाएगी

मन की शक्तियां अगरबिखर जाएगीफिर कहो भाग्य कैसेसंवर पाएगीबिना तराशे तक़दीर कैसेनिखर जाएगीऔर कहो कि किस्मत कैसेशिखर पाएगी- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
1

इस तरह ऐ दोस्त अगर हार जाओगे

इस तरह ऐ दोस्त अगरहार जाओगेआगे का सफ़र कैसेपार पाओगेपतझड़ से जब तक नहींमार खाओगेफिर कहो कैसे किबहार लाओगे- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
1

वे पुत्रवधु के हाथ से पानी न पायेंगे कभी-

करके परीक्षण भ्रूण-हत्या कर रहे जो नर अभी।वे पुत्रवधु के हाथ से पानी न पायेंगे कभी।कोई कहीं दुर्गा अगर, अब देश में रविकर मरीतो पाप का परिणाम दुष्कर, दंड भोगेंगे सभी ।मजबूर होकर पाठशाला छोड़ती य...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
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अच्छे विचारों से हमेशा मन बने देवस्थली

कभी पूरी कहाँ होती जरूरत, जिंदगी तेरी।हुई कब नींद भी पूरी, तुझे प्रत्येक दिन घेरी।करे जद्दोजहद रविकर, हुई कल खत्म मजबूरी।अधूरी नींद भी पूरी, जरूरत भी हुई पूरी।अच्छे विचारों से हमेशा मन बने दे...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
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कुंदन यूँ कब तक भला दोपाया रहेगा

सफलता में कब तकसाया रहेगाबदली यूँ कब तकछाया रहेगाकुंदन यूँ कब तक भलादोपाया रहेगा-कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

ऐसा क्यों स्वभाव है

हम गरीब हैंअभाव हैऔर तो ये कुछ भी नहींमन का केवल भाव हैखुद को तुम दोषी कहतेऐसा क्यों स्वभाव हैआत्मविश्वास और आत्मशक्ति काआखिर क्यों नहीं प्रभाव है- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

और अच्छी तरह जान लो स्वत्व क्या है...?

तुम ही सोचो तुम्हारा किमहत्व क्या है...?तुम ही कहो तुम्हारे अंदरतत्व क्या है...?और अच्छी तरह जान लोस्वत्व क्या है...?- कंचन ज्वाला कुंदन  ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
2

खून के हर बूंद को

हौसला करो हासिल औरलक्ष्य का हरण करोजुनून करो शामिल औरमंजिल का वरण करोखून के हर बूंद कोकामयाबी के शरण करो- कंचन ज्वाला कुंदन ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
kanchan jwala kundan
कुंदन के कांटे
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शेष दोहे

साथ जिंदगी के चले, काबिलियत किरदार।दोनों से क्रमशः मिले, लक्ष्य सुकीर्ति-अपार।।जीत अनैतिकता रही, रिश्ते हुए स्वछंद।लंद-फंद छलछंदता, हैं  हौसले बुलंद।।दुश्मन घुसा दिमाग में, करे नियंत्रित ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
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सलाह,

 यात्रा पर जब जा रहे , कुछ बन जाते ढाल,            नाम, पता,कुछ फोन के, नम्बर रखें सँभाल              हस्ताक्षर ही  तब  करें, पढ़े  उसे  इक बार,       &nbs...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
Dr. Harimohan Gupt
Dr. Hari Mohan Gupt
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कितने राज कल रात दफ़न हो गये....

सारी शिकायते सारे शिक़वे ख़त्म हो गये,कितने राज कल रात दफ़न हो गये,बड़े बेक़रार लोग भटकते रहे थे कई रोज़,सारे मसाइल मसले लिपट कर कफ़न हो गये,हज़ार बार की मिन्नतों से जो भी अब नही पिघलते,हम तुम बिछड़कर कित...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
jafar
the missed beat
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