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नई हलचल

ANIL AGRAWAL - अनिल अग्रवाल, वैश्य गौरव

साभार: नवभारत टाइम्स ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Praveen Gupta
हमारा वैश्य समाज - HAMARA VAISHYA SAMAJ
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दोहे "वाणी में सुर-तान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ज्ञानदायिनी आप हो, सेवक है नादान।माता जी भर दीजिए, वाणी में सुर-तान।।सुमुखि गुलाबी वदन का,जबउतरा रंग। कविता की कमनीयता, तब से है बदरंग।।बदल गयी है लेखनी, बदल गये सब ढंग। कविता की सब गेयता, ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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FACE OF COMMON MAN - 2

#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: BurlyWood ; -© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
राकेश श्रीवास्तव
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1062.....खोखला बौद्धिक अहंकार हमें कहाँ ले आया है?

सादर अभिवादन....सच में हम चाहते ही थे कि आज की प्रस्तुति हम देंसखी पम्मी कहीं किसी काम में उलझ गई हैंवे सफल हो गई होंगी निश्चित रूप सेचलिए चलते हैं आज के आनन्द की ओर.....-0-अच्छा नहीं लगता...श्वेता सिन...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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कोई अन्त न हो

बासंती इन एहसासों का कोई अन्त न हो....मंद मलय जब छू जाती है तन को,थम जाती है दिल की धड़कन पलभर को,फिर इन कलियों का खिल जाना,फूलों की डाली का झूम-झूमकर लहराना,इन जज्बातों का कोई अन्त न हो.....यूं किरणों ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
पुरूषोत्तम कुमार सिन्हा
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दोहे "मेरे यह दो नैन" (राधातिवारी "राधेगोपाल")

 मेरे यह दो नैनकलम मेरी सदा  रहे ,लिखने को बेचैन। कोरा कागज ढूंढते, मेरे यह दो नैन।। अच्छे कर्मों से सदा ,होती है पहचान ।कपड़ो से होती नहीं, जग मे ये पहचान।। हाथ जोड़ने से कभी, कम मत समझो मा...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
राधे गोपाल
राधे का संसार
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पा ही जाओगे कोई मोती....भारत भूषण

ये उर-सागर के सीप तुम्हें देता हूँ ।ये उजले-उजले सीप तुम्हें देता हूँ ।है दर्द-कीट ने युग-युग इन्हें बनायाआँसू के खारी पानी से नहलायाजब रह न सके ये मौन, स्वयं तिर आएभव तट पर काल तरंगों ने ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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भावनाएं

   पिछले वर्ष एक सम्मलेन के समय मैं अपने कुछ मित्रों से मिली, जिनसे मैं बहुत लंबे समय से नहीं मिली थी। मिलने और साथ होने के आनन्द में हम सब बहुत प्रसन्न हुए, एक साथ हँसे; परन्तु एक दूसरे को देखक...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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शबनमी ख्वाब

देर रात चाँद सोता रहा पलकों तलेचाँदनी तेरे ख्वाब को शबनमी करती रही !!सु-मन ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
अर्पित ‘सुमन’
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क्या यही तरक्की है?

मेरी माँअब भीखोजती हैएक ऐसा घरजिसमेतुलसी वाला आँगन होहौले-हौले धूप उतरती होजिसकी चौखटों परऔर उसे रोकता हुआएक नीम का पेड़जिस परदिन भर रहती होचिड़ियों की चहचहाहटक्योकिबंद कमरों की घुटनउसे नी...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Abhilasha
@Abhi
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Quote on beginning

1 सप्ताह पूर्व
Abhilasha
@Abhi
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कच्चे केले के बगैर तले वैफर्स बनाने की विधि Banana Wafers Recipe In Hindi

कच्चे केेले के बगैर तले हुये चिप्स बनाकर स्टोर करने की आविष्कारक विधि। इस प्रकार से स्टोर करने पर कच्चे केले के चिप्स काले नहीं पड़ते तथा आलू के चिप्स की तरह जब मन करे आप तल कर खा सकते हैं।बना...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Seema Kaushik
सीमा की रसोई (Seema Ki Rasoi)
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दोहे "गले पड़े हैं लोग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज गले लगते नहीं, गले पड़े हैं लोग। तन से तो संयोग है, मन में भरा वियोग।।जनता के ही तन्त्र में, जनता की है मात। धूप रूप की ढल गयी, आयी काली रात।।नहीं चलाया अभी तक, कभी लक्ष्य पर तीर। इसीलिए ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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1061....जी हजूरी है आज बहुत जरूरी

जय मां हाटेशवरी.....एक वर्ष से भी कम समय है.....लोकसभा चुनाव के लिये......फिर शंखनाद होगा......महाभारत से युद्ध सा माहौल बनाएंगे देश में.....अब तो जनता भी असमंजस  में है.....किसे वोट दें......अगर किसी दल को वोट दे...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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दोहे "कलम बना पतवार" (राधातिवारी "राधेगोपाल")

 कलम बना पतवारहूक उठी जब हृदय में, कलम बना पतवार। तुकबन्दी को जोड़ कर, रचना की तैयार ।। कहां गए आलोक तुम, तम है चारों ओर । सूर्य देव आ कर करो, अब तो भाव विभोर।। प्रेम प्रीत तो हो गई, बीतो युग की बात...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
राधे गोपाल
राधे का संसार
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सीप में मोती......रजनी भार्गव

मैंने अनजाने ही भीगे बादलों से पूछाछुआ तुमने क्याउस सीप में मोती कोबादलों ने नकारा उसेबोले दुहरी है अनुभूति मेरीबहुत सजल है सीप का मोतीमेरा सोपान नहींस्वप्न नहींअपने में एक गिरह लिए रहता ह...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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कविता - ये दलितों की बस्ती हैं

बोतल महँगी है तो क्या हुआ,थैली खूब सस्ती है।ये दलितो की बस्ती है ।यहाँ जन्मते हर बालक को, पकड़ा देते हैं झाडू।वो बेटा, अबे, साले,परे हट, कहते हैं लालू कालूगोविंदा और मिथुन बन कर,खोल रहे हैं नाली।द...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
prem miral
BHIMVARTA
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"मन श्याम रंग"'भजन'

मन श्याम रंग विचार में तज, भूलत है सबको  अभी कुछ नींद में सपनें सजत ,चित्त रोअत है अभीभूत बन। धरे हाँथ सुंदर बाँसुरी ,कसे केश अपने मयूर पंख जग कहत जिनको त्रिकालदर्शन,हो प्रतीत ह्रदय निकट...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
DHRUV SINGH
"एकलव्य"
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अनुग्रह

   वर्षों तक मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह द्वारा दिए गए पहाड़ी सन्देश (मत्ती 5-7) को मानवीय व्यवहार का एक ऐसा मानक मानता था जिसे संभवतः कोई पूरा नहीं कर सकता था। मैंने कैसे उसके ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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Anurag Kumar Pathak

Anurag Pathak varanasi
Anurag Pathak varanasi
1 सप्ताह पूर्व
Anurag Kumar Pathak
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Anurag Kumar Pathak

Anurag Kumar pathak
Anurag Kumar pathak
1 सप्ताह पूर्व
Anurag Kumar Pathak
1

Anurag Kumar Pathak

Anurag Kumar pathak
Anurag Kumar pathak
1 सप्ताह पूर्व
Anurag Kumar Pathak
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UPSC EXAM - TOPPER VAISHYA BOYS & GIRLS

1 सप्ताह पूर्व
Praveen Gupta
हमारा वैश्य समाज - HAMARA VAISHYA SAMAJ
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अच्छेलाल चौहान

Achchhelal chauhan video. Com
1 सप्ताह पूर्व
अच्छेलाल चौहान
3

अच्छेलाल चौहान

Achchhelal chauhan video
1 सप्ताह पूर्व
अच्छेलाल चौहान
2

अच्छेलाल चौहान

Achchhelal RAJPUT
Achchhelal RAJPUT
1 सप्ताह पूर्व
अच्छेलाल चौहान
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7


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