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कोई कानूनी विषमता नहीं ३०२ व् ३०४[बी ]आई.पी.सी.में

कोई कानूनी विषमता नहीं ३०२ व् ३०४[बी ]आई.पी.सी.में 17 सितम्बर 2012 दैनिक जागरण में पृष्ठ २ पर माला दीक्षित ने एक दोषी की दलील दी है जिसमे दहेज़ हत्या के दोषी ने अपनी ओर से एक अहम् कानूनी मुद्दा उठाय...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
कानूनी ज्ञान
124

आप की जुदाई पर।

सिस्कियाँ लेकर आया सवेरा, उदास है हरेक चेहरा,सूनी है प्रकृति सारी, आप की जुदायी पर। न हैं फूलों पर मुस्कान, न गा रहे हैं विहग गान।नम  है देखो सभी नेत्र, आप की जुदायी पर। झरने की कलकल, तुम्हे ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
121

आशा

एक था चूहा, एक थी गिलहरी। चूहा शरारती था। दिन भर 'चीं-चीं' करता हुआ मौज उड़ाता। गिलहरी भोली थी।'टी-टी' करती हुई इधर-उधर घूमा करती।संयोग से एक बार दोनों का आमना-सामना हो गया। अपनी प्रशंसा करते हुए ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
59

વાંકાનેર: બ્રહ્મસમાજની મિટિંગ મળી

વાંકાનેર બ્રહ્મસમાજની વાડી ખાતે વાંકાનેર બ્રહ્મસમાજની મિટિંગનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. જેમાં સમાજના આગેવાનો હાજર રહી સમાજની એક્તા પર ભાર મૂકવા યુવાઓને માર્ગદર્શન પૂરું પાડ્યું હતું...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ilyaskhan
Report by Ilyaskhan
96

Wastebins

6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
101

ग़ज़ल

हर  लम्हा तन्हाई का एहसास मुझकों होता है जबकि दोस्तों के बीच अपनी गुज़री जिंदगानी है क्यों अपने जिस्म में केवल ,रंगत  खून की दिखती औरों का लहू बहता ,तो सबके लिए पानी है ..खुद&...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
ग़ज़ल गंगा
57

बदलता कुछ भी नहीं -1

बदलता कुछ भी नहीं डर वही है जो सदियों पूर्व  थे |म्रत्यु के, भूख के, लाज के आज भी मारे  जाते है लोग  ईश्वर के नाम पर |बदलता कुछ भी नहींलूट नहीं लूट के तरीके बदलते है |नित जुड़ते है नए आय...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
yogesh dixit
हम सब उम्मीद से हैं
76

फ्राक पहनने वाले लड़के

आप का दो या तीन साल का बेटा फ्राक पहनने या नेल पालिश लगाने की ज़िद करे या खेलने के लिए गुड़िया चाहे, तो आप क्या करेंगे? और आप कुछ न भी कहें, आप के मन में क्या विचार आयेंगे? अगर पाँच-छहः साल का होने पर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
जो न कह सके
239

श्रमजीवी महिलाओं को लेकर कानूनी जागरूकता.

श्रमजीवी महिलाओं को लेकर कानूनी जागरूकता.   आज यदि देखा जाये तो महिलाओं के लिए घर से बाहर जाकर काम करना ज़रूरी हो गया है और इसका एक परिणाम तो ये हुआ है कि स्त्री सशक्तिकरण के कार्य बढ़ गए ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
कानूनी ज्ञान
93

कवी

इन दिनों कुछ अजीब सा लग रहा है, कुछ लिखना चाहता हूँ पर शब्द साथ ही नहीं देते जैसे मैंने इन्हें कोई छति पहुचाया हो - न मैं कवी हूँ,   न कवितायें मुझे अब,रास आती हैं,मैं इनसे दूर जाता हूँ,ये मेरे ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
33
Binod Ringania
192
Vivek Vaishnav
78

स्वचालित रूप से कॉपीराइट का वर्ष बदलें

मनोज जैसवाल :सभी पाठकों को प्यार भरा नमस्कार.मेरी पिछली पोस्ट को पसंद करने के लिए आप सभी का दिल से आभार.आज की पोस्ट में आपको एक नई ट्रिक बताता हूँ.स्वचालित रूप से कॉपीराइट का वर्ष बदलें,मैने कई ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
manojjaiswalpbt
ultapulta
62
॥ भारत-भारती वैभवं ॥
88

शब्दों का बंधन

प्यार !प्यार तब भी होता है, जब शब्दों  के सेतु बीच में नहीं होते, प्यार तब भी होता है जब शब्दों का बंधन एक सेतु बन जाता है; एक किनारा दूसरे किनारे से मिलने को इन शब्दों के पुल से इस पार से उस पार तक ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
sakhi
sakhi with feelings..kahaniya/Articles
160

चड़ते सुरज को स्लाम।

कलतकजिसकाशोषणकिया, पहनारहेहैंउसेफूलोंकिमाला,कल तक था वो सड़कछाप, आज है वो पैसे वाला।जब तक जेब में पैसा है, तब तक बनेंगे सभी यार, स्वार्थी भगवान ने, बनाया है सारा  संसार। हरा भरा था जब मेरा ब...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
64

વાંકાનેર ખાતે યોજાયું ગણિત-વિજ્ઞાન પ્રદર્શન

By Ilyaskhan Pathan,wankaner :જી.સી.ઇ.આર.ટી. ગાંધીનગર પ્રેરિત જિલ્લા શિક્ષણ અને તાલીમભવન રાજકોટ તેમજ જિલ્લા પંચાયત શિક્ષણ સમિતિ-રાજકોટ આયોજિત વાંકાનેર તાલુકાકક્ષાનું ગણિત-વિજ્ઞાન પ્રદર્શન બીઆરસી ભવન અને તા...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ilyaskhan
Report by Ilyaskhan
93

बाल को बाल ही रहने दो...

जिस दिन पहली बार लगा कि शेव करने के बाद ज़्यादा आकर्षक लगता हूं उसी दिन से घिस-घिसकर दाढ़ी-मूंछ साफ़ करना शुरु कर दिया। दिल्ली आकर भी नयी मित्र-मंडली और दूसरे लोगों से जो परिचय बना, एक क्लीन-शेव...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sanjay Grover संजय ग्रोवर
सरल की डायरी Saral ki Diary
71

व्यथा

जब परिस्थितियां परिहास करें तो जाने क्यों दुःख होता है . यह हर कोई जनता है की प्रारब्ध में जो लिखा होता है वही होता है किन्तु यह जानते हुए हम दोष विधि को देते हैं ; इसमें हमारी गलती नहीं , मानव स्व...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
31

अगीत साहित्य दर्पण (क्रमश:)---प्रथम अध्याय --अगीत : एतिहासिक पृष्ठभूमि व परिदृश्य ......

     अगीत साहित्य दर्पण  (क्रमश:)---प्रथम अध्याय --अगीत : एतिहासिक पृष्ठभूमि व परिदृश्य ....                         कविता  की अगीत विधा का प्रचलन भले ही कुछ ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
102

अनाड़ी हाथों में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं

आजादी के 65 साल बाद भी देश ऐसे डॉक्टरों से भरा पड़ा जिन्हें बोलचाल की भाषा में आरएमपी या झोलाछाप कह कर बुलाते हैं। ये लोग सिर्फ गाँवों में ही नहीं देश और राज्यों की राजधानियों तक में अपनी दुकाने...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Krishan Vrihaspati
Bhoomeet | Hindi Rural Magazine | Agriculture Magazine |Farmers Magazine|Indian Magazine
179
Binod Ringania
48

संस्‍कृतजगत् ईपत्रिकाया: तृतीयसंस्‍करणम् आनलाइन पठन्‍तु ।

Sanskrit eBookसंस्‍कृतजगत् ईपत्रिकाया: तृतीयसंस्‍करणं साक्षात् पठन्‍तु । ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
॥ भारत-भारती वैभवं ॥
91

हिंसा-प्रतिहिंसा से संतोषप्रद निर्णायक समाधान असंभव है।

आज जगत में हिंसा और प्रतिहिंसा का बोलबाला है। इसका प्रमुख कारण है लोगों में अधैर्य, असहनशीलता और आक्रोश की बढ़ती दर। सुखी सम्पन्न बनने की प्रतिस्पर्धा हो या सुरक्षित जीवन यापन का संघर्ष, व्यक...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
130

कोलगेट करो, दातून से डरो (व्यंग्य)

चाचा, आज फिर दातून कर रहे हो कभी कोलगेट भी कर लिया करो, दातून करते नत्थू चाचा से जैसे ही मैंने कहा वे अपना दातून थूकते हुए बोले- कर दी ना दिल तोडऩे वाली बात। कोलगेट का नाम सुनते ही लगता है जैसे मेर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sumit
40

तिहाड़

आदमी को शरीफ होना चाहिए। गाय को दूध देना चाहिए।  न्यायाधीश को न्याय देना चाहिए। राजा को प्रजा-वत्सल होना चाहिए। प्रेमी को निष्ठावान होना चाहिए। बच्चों को आज्ञाकारी होना चाहिए। घर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
yogesh dixit
हम सब उम्मीद से हैं
82

गैरों की बज़्म में यूं बेरिदा ही झमके...

तेरे इश्क में सितमगर कैसे अज़ाब देखेकाँटों पे ज़बीं रखे रोते गुलाब देखेगैरों की बज़्म में यूं बेरिदा ही झमकेहमने तो रुख पे तेरे हरदम नकाब देखेबनके रकीबे जां तुम उल्फत में मुस्कराएमिटा क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
ब्लाग तड़ाग
108

हिंदी हमारी मातृभाषा है, हमारा गर्व है....सुगना फाउण्डेशन मेघलासिया

हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ.(हिंदी हमारी मातृभाषा है, हमारा गर्व है)आइए हम सब मिलकर इस खूबसूरत और समृद्ध भाषा के विस्तार और विकास में अपना अपना योगदान दे इससे हिंदी के साथ साथ हमारा अपना भी भला हो...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
250

हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा - हिन्‍दी दिवस विशेष काव्‍य

हिन्‍दू का बुलन्‍द हो नारा हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा हिन्‍दु-धर्म इतिहास पुराना कौन भला इससे अनजाना प्रेम-धर्म का ताना-बाना सुरमय जीवन-गीत सुहाना अमृतमय जीवन-रस-धारा हिन्‍दी-...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SANSKRITJAGAT
महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN
117

बदलती रहेगी तो बहती रहेगी हिंदी

हिंदी के संवेदनशील जानकार चाहिए  सैयद शहरोज़ क़मरकी कलम से समय के साथ संस्कृति, समाज और भाषा में बदलाव आता है। परंपरा यही है। लेकिन कुछ लोगों की जिद इन परिवर्तनों पर नाहक  नाक  भौं सिकोड...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Shahroz
Hamzabaan हमज़बान ھمز با ن
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