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नई हलचल

ये सच्चाई है..

कुछ चीजें अनायास ही सामने आ जाती हैंजो अहसास करा जाती हैं वास्तविकता काबताती हैं कि आज जो हम हैं कल वो नहीं होंगेये लड़कपन आज का, कल झुर्रियों में बदल जाएगामजबूरी कभी, सठियाना कभी, तो कभी बुढ़ा...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
parul chandra
35

"खीरा होता है गुणकारी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

सूरत इसकी कितनी प्यारी।खीरा होता है गुणकारी।।हरा-भरा है और मुलायम।सबका मोह रहा है यह मन।।छीलो-काटो नमक लगा लो। नींबू का थोड़ा रस डालो।।भूख बढ़ाता, गैस हटाता।बीमारी को दूर भगाता।।चाहे तो रा...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
130

Love Affair ...........!!!

7 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
MY PHOTOGRAPHIC ROMANCE
137

काकड़ (बार्किंग डियर)

आज हम बात करते हैं कॉर्बेट में पाए जाने वाले चौथे हिरन की प्रजाति के बारे में जिसे हम काकड़ के नाम से जानते हैं. मैं आपको फिर कहना चाहूँगा कि यह सारी जानकारी वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधि...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

काकड़ (बार्किंग डियर)

आज हम बात करते हैं कॉर्बेट में पाए जाने वाले चौथे हिरन की प्रजाति के बारे में जिसे हम काकड़ के नाम से जानते हैं. मैं आपको फिर कहना चाहूँगा कि यह सारी जानकारी वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधि...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
corbettnews
कॉर्बेट न्यूज़
73

प्रेम

न्याय, वैशेषिक, सांख्य होया योग मीमांसावेदांत जैसे वैदिक दर्शनघुस टटोला।इन्हें नकारने वाले...चार्वाक, जैन, वैभाषिकसौत्रांतिक, योगाचार औरमाध्यमिक जैसेअवैदिक दर्शन की पनाह भी लीकिंतु मिला न...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
amitabh shrivastava
अमिताभ
78
उसका सच
75

DROP of LIFE ...!!

7 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
MY PHOTOGRAPHIC ROMANCE
115

बहुत दिनों के बाद... आज

बहुत दिनों के बाद...आसमां फिर नीला-नीला है,तारों भरा चमकीला है, आज, बहुत  दिनों के बाद...बहुत दिनों के बाद...बादल हैं छंट चुके, टुकड़ों में बंट चुके, आज...बहुत दिनों के बाद...पेड़ हैं हरे-हरे,फूलों से भर...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Ritika Rastogi
फुर्सत के पल..
123
उसका सच
83

आज के रावण

आज के रावणरामचंद्र जी मार चुके हैं,त्रेतायुग में रावण को,आज रावणी मार रही है,कल युग में भी जन जन को.सीताहरण पर श्रीराम ने,रावण को मार गिराया है,खुशियाँ मनाने हर वर्ष ,जनता ने रावण को जलाया है.बचप...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
रंगराज अयंगर
65

अपनी मिटटी

अपनी मिटटी के लिए तड़प क्या होती है ?बिछड़ने के बाद जान पाएउन्हें सलाम, जो वही रहे हम तो भाई नकली हो गएउन हवाओं को सलाम जो उस मिटटी को छू कर आये इन हवाओं में वह खुशबू कहाँ !ये तो दूषित और नकली है उस ...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
vinay
My Thoughts
29

भारत and FORMULA ONE RACES..!!!!!

    आज भारत में एक ऐतिहासिक दिन का पदार्पण हो चुका है यहाँ मेरा इशारा  FORMULA ONE कार रेसों  की ओर है... .....जी हाँ आज से भारत जैसे विकास शील देश ने भी FORMULA ONE रेसों  का सफल आ...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Dolly Bansiwar
चर्चित विषय
78

चिट्ठी न कोई सन्देश

दिवंगत जगजीत सिंह की यह चर्चित गज़ल आज के सन्दर्भ में मौजूं है.क्या आपको याद है कि आपने आखिरी बार कब कोई चिट्ठी लिखी थी?नहीं! न.शायद होगी भी नहीं. अब चिट्ठी,पत्री या डाकिया घर पर नहीं आता.लोग चिट...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
70

वटवृक्ष पत्रिका पर प्रकाशित मेरी रचना

मैं आभारी हूँ रविन्द्र प्रभात जी और वटवृक्ष की पूरी टीम की जिन्होंने मेरी रचना को पत्रिका में स्थान दिया .....तेरा अहसास........‘मन’ मेरेतेरा अहसास.....‘मन’ मेरे मेरे वजूद को सम्पूर्ण बना देता हैऔर मै...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
बावरा मन
53
उसका सच
79
उसका सच
79

शुभ दीपावली !!

सभी पाठकगणों और भारतवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये !!...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Manoj
डायनामिक
128

No Title

एक चित्र हम सभी के पड़ोस का / मित्रों, आओ इस दिवाली में एक दीपक इस घर के नाम पर भी जलाएं / यदि संभव हो तो इस घर को भी खुशियों की परिधि में कर लें /ये कैसी दिवाली है !कुछ शीत बसन्ती है, कुछ ताप भी मद्धिम ह...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
jai bhardwaj
kabhee kabhee
50
उसका सच
77

Volga Se Ganga (Rahul Sankrityayan) / वोल्गा से गंगा (राहुल सांकृत्यायन)

महापंडित राहुल सांकृत्यायन की कालजयी कृति...                         वोल्गा से गंगा : शाश्वत प्रवाह का शालीन दर्शनवोल्गा से गंगा पुस्तक महापंडित राहुल सांकृत्या...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Dr. Rahul Mishra
कही-अनकही-बतकही
243

ब्लॉग पर साहित्य की सार्थकता

आज भले ही हिंदी साहित्य ब्लॉग पर अपनी शैशवास्था में हो पर आने वाला समय निश्चित रूप से उसी का है। वर्तमान में हिंदी के साहित्यकारों की पहुंच भी इन ब्लॉगों पर लगभग 10 प्रतिशत के आसपास ही है। लेकिन...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
30

दिल्ली में ‘विश्व हिंदी दिवस’ और ‘प्रवासी उत्सव’ का भव्य आयोजन

 दिनांक 10 जनवरी से 12 जनवरी तक विश्व हिंदी दिवस और प्रवासी  उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया जाएगा और 12 जनवरी को इसका समापन होगा। ...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
25

मेरी त्वरित टिप्पणियां और लिंक -5

 मैं....तन्मय तन्मात्रा हो हे सखी, शब्द, रूप, रस, गन्ध |सस्पर्श पञ्च-भूतियाँ, सांख्य-मत से बन्ध ||कार्य में अपने हे सखी, रहो सदा लवलीन |तन्नी नित खुरचा करे, मन-पट हुई मलीन || हरिगीतिका छंद भारतीय ...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
रविकर
श्री राम की सहोदरी : भगवती शांता
98
कुछ पुरानी यादें... (कविताएं, गीत, भजन, प्रार्थनाएं, श्लोक, अनूदित रचनाएं)
253
मेरी बात तेरी बात...
75

सपने में एक राजा और सवाल

सुबह-सुबह लिखने बैठ गया, डर था कि कहीँ मैं भूल न जाऊँ। आज जागने से पहले एक सपना देखा। मैं था कहाँ मैं नहीँ जान पाया। मैं एक घोङे से चलने वाले वाहन पर था,मेरे हाथ बँधे थे और मैं उस वाहन पर अकेला न था ...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
vivek mishra
27

"परिणाम" (दीपावली का उपहार)-श्रीमती अमर भारती

जालजगत् के भवसागर मेंडूबते-उतराते हुएपहेली का 100वाँ पड़ाव भी आया!दीपावली के प्रकाश पर्व परसाहित्य शारदा मंच, खटीमा (उत्तराखण्ड) के सौजन्य सेमैं डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"और श्रीमती अम...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
5

बकरा-ईद में मुसलमान करोड़ों निर्दोष जानवरों की हत्या क्यूँ करते है?

‘‘इस्लाम में मांसाहार, और इसके लिए जानवरों की हत्या का प्रावधान हिंसात्मक तथा निर्दयतापूर्ण है; इससे मुसलमानों में हिंसक प्रवृत्ति उत्पन्न होती है। ईद-उल-अज़हा के अवसर पर पशु-बलि (क़ुरबानी) क...  और पढ़ें
7 वर्ष पूर्व
Saleem Khan
हमारी अन्‍जुमन
300

Rolls-Royce Apparition Concept...

7 वर्ष पूर्व
Vivek Rastogi
मेरी बात तेरी बात...
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