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चिट्ठी (कहानी)

                                                                                                     -डॉ. वी. के. पाठक                              &n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ. वी. के. पाठक
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Horse dance - Danza del cavallo - घोड़ा नृत्य

New Delhi, India: There was a time when in old Delhi, during marriages or procession of Ravi Das anniversary, you could see young boys dancing in the horse-costumes made from bamboo, paper and clothe. Their faces covered with talcum powder and colourful dots, their horses adorned with bright golden lining and colourful papers, and the boys going round and round like spinning tops! When I saw this watered-down version of that traditional dance for the tourists, I remembered those old days.दि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
112

स्लो कनक्शन से फटाफट चर्चा (चर्चा मंच-1354)

मित्रों!कल से हमारे क्षेत्र का ब्रॉडबैंड बाधित है। मोबाइल सिम से प्रयास कर रहा हूँ फटाफट चर्चा लगाने की। देखिए कहाँ तक सफल हो पाता हूँ!baijnath,बैजनाथ शहरYatra, Discover Beautiful India--हिंदी की छवि बदलनी होगीसत्यार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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(अकथ कहानी प्रेम की ,कहत कहि न जाय , गूंगे केरी सरकरा, खाय और मुसकाय।

व्याख्या :(१ )चली जो पुतली लोन की ,थाह सिन्धु का लैन ,      आपुहि गलि पानी भई ,उलटी कहै को बैन।        यहाँ समुन्दर परमात्मा की विराटता तथा नोन  (नमक )की कठपुतली आत्मा का प्रतीक है। नमक क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
48

डर लगता है कभी-कभी

-सौम्या अपराजितादिल्ली में पली-बढ़ी और पढ़ी वाणी कपूर को जब 'शुद्ध देसी रोमांस' की तारा की चारित्रिक विशेषताएं बतायी गयीं,तब वे असमंजस में पड़ गयीं। वाणी समझ नहीं पा रहीं थीं कि अपनी पहली फिल्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Somya
सौम्य वचन
60

फूल बिछा न सको

"सवैया छंद"फूल बिछा न सको  1  पथ में यदि फूल बिछा न सको,तुम कंटक जाल बिछाव नही |यदि नेह  नहीं दिखला  सकते , कटु बैन  सुना  दुतराव  नही | तुम राह सही  बतला  न सको, भटके  मन को  भटकाव न...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
dheerendra singh bhadauriya
काव्यान्जलि
68

!وہ آزاد کے بعد بھی آزاد نہیں تھے‎

فردوس خان ہندوستان  کی کثیر آبادی کے درمیان ایک بڑا طبقہ ایسا بھی ہے، جسے آزادی کے طویل عرصہ بعد بھی مجرموں کی طرح پولس تھانوں میں حاضری لگانی پڑتی تھی۔ آخر کار 31اگست، 1952کو اسے اس سے نجات تو مل گئی، لیکن اسے کوئی خاص توجہ حاصل نہیں ہوئی۔نتیجتاًاس کی حالت بدسے بدتر ہوتی چلی...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
جہاںنُما
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Vivek Vaishnav
110

यासीन के सहारे ही आईबी ने खड़ा किया आईएम का हव्वा

यासीन को प्लांट करने वाले खुफिया अधिकारी सुरेश की पूछताछ से खुलेगा आईएम का राज प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों द्वारा आईएम के नाम पर फिरौती मांगना साबित करता है आईएम के नाम पर चल रह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
48

quotes from yug-nirman yojana

सद्वाक्य- युग निर्माण योजनाआज “page 3 in Hindi” में मैं गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य जी के युग निर्माण योजना, मथुरा से प्रकाशित सद्वाक्यों के कुछ अनमोल मोतियों का collection ले कर आयी हूँ। ये सद्वाक्य सन 2012 ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
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अपनी इज्जत अपने हाथ ….

                      अपनी इज्जत अपने हाथ …. दोस्तों,ऐसे scene आपने अपने आस-पास अधिकतर देखे होंगे ! आप किसी शहर में ऑटो से एक से दूसरी जगह जाते हैं !  गंतव्य पर पहुँच कर आप ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
dr.neeraj yadav
Achhibatein
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"पंछी उड़ता नीलगगन में" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे काव्य संग्रह 'धरा के रंग' से एक गीत"पंछी उड़ता नीलगगन में"कोई ख्याल नहीं है मन में।पंछी उड़ता नीलगगन में।।सफर चल रहा है अनजाना,नहीं लक्ष्य है नहीं ठिकाना,कब आयेगा समय सुहाना,कब सुख बरसेगा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
72

RAJPUROHIT SAMAJ: आसोतरा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टम...

RAJPUROHIT SAMAJ: आसोतरा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टम...: सजी श्री कृष्ण की प्रतिमा तथा म हाआरती करते साधु संत व भक्त।   ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा पर श्री जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
108

आसोतरा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व

सजी श्री कृष्ण की प्रतिमा तथा महाआरती करते साधु संत व भक्त।  ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा पर श्री जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी को लेकर भगवान श्री कृष्ण के दर्शना...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
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कैमरामैन लुट्टन के साथ चंपू जी ,चिंचपोकली "प्याज तक"

टीवी न्यूज़ एंकर चंपू जी : "ये है दरभंगा का वो सुलभ शौचालय जहां पर बताया जाता है कि एक बार यासिन भटकल ने छी छी किया था , आइए पूछते हैं दरबान जी से कुछ खास इस बारे मेंदरबान जी बताइए , क्या आपको लगा था क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अजय कुमार झा
कुछ भी...कभी भी..
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कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!

कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!नारी  मुझको  रोना  आता  तेरी इस लाचारी पर ,कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!कोख में कन्या-भ्रूण है सुनकर मिलता आदेश मिटाने का ,विद्रोह नहीं क्य...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
KARTIKEY RAJ
समाज
72

श्रीमदभगवत गीता दूसरा अध्याय( श्लोक ६६ -७० )

श्रीमदभगवत गीता दूसरा अध्याय( श्लोक ६६ -७० ) (६ ६  )(ईशवर से) अ -युक्त मनुष्य के अंत :करण में न ईश्वर का ज्ञान होता है ,न ईश्वर की भावना ही। भावना हीन मनुष्य को शान्ति नहीं मिलती और अशांत मनुष्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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"पुस्तकसमीक्षा-पानी पर लकीरें" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

लहरों का सरगम है"पानी पर लकीरें"-0-0-0-   आभासी दुनिया में कुछ ऐसे सम्बन्ध बन जाते हैं, जिनके आभास की महक से मन गद-गद हो जाता है। डॉ. सारिका मुकेश उनमें से एक हैं जो मुझे प्यार से चाचाजी कहती हैं।&n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
177

हे राम आशाराम राम राम

हे राम आशाराम राम राम जमीनो का अतिक्रमणलड़कियों का योन शोषण भ्रष्‍ट तरीको से पेसा कमानाआस्था के नाम पर भावनाओ से खिलवाड़क्या एसे होते हैं बाबासभी अपने नैनो को खोले चंगुल से आज़ाद ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
53

लोकतंत्र की शक्ल में, दिखने लगी चुड़ैल-

(1)लोकतंत्र की शक्ल में, दिखने लगी चुड़ैल |परियों सा लेकर फिरे, पर मिजाज यह बैल |पर मिजाज यह बैल, भेद हैं कितने सारे |वंश भतीजा वाद, प्रान्त भाषा संहारे |जाति धर्म को वोट, जीत षड्यंत्र मन्त्र की | अक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
45

ख्बाब

ख्बाब था मेहनत के बल पर , हम बदल डालेंगे किस्मत ख्बाब केवल ख्बाब बनकर, अब हमारे रह गए हैं कामचोरी धूर्तता चमचागिरी का अब चलन है बेअरथ से लगने लगे है ,युग पुरुष जो कह गए हैं दूसरों का किस तरह नुकसा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
45

परिवर्तन

k ravindraतुम मेरी बेटी नही बल्कि हो बेटा...इसीलिये मैंने तुम्हे दूर रक्खा श्रृंगार मेज से दूर रक्खा रसोई से दूर रक्खा झाडू-पोंछे से दूर रक्खा डर-भय के भाव से दूर रक्खा बिना अपराध माफ़ी म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
anwar suhail
अनवर सुहैल का रचना संसार
96

ग़ज़ल (खेल जिंदगी)

दिल के पास है  लेकिन निगाहों से बह ओझल हैं क्यों असुओं से भिगोने का ,है खेल जिंदगी। जिनके साथ रहना हैं ,नहीं मिलते क्यों दिल उनसे खट्टी मीठी यादों को संजोने का ,है खेल जिंदगी। किसी के खो गए अप...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
81

काम खुद गंदे करो मैडम को दो दोष

Asaram Bapu faces arrest; blames Sonia, Rahulकाम  खुद गंदे करो मैडम को दो दोष ,गलती करके दिखा रहे क्यूँ  राहुल पर रोष , जनता अब भोली नहीं उसको मत मूर्ख बनाओचलो जेल के भीतर अब चक्की खूब घुमाओ !!शिखा कौशिक 'नूतन '...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
नेता जी क्या कहते हैं ?
58

कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!

कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!नारी  मुझको  रोना  आता  तेरी इस लाचारी पर ,कौन करेगा गर्व भला भारत की ऐसी नारी पर !!कोख में कन्या-भ्रूण है सुनकर मिलता आदेश मिटाने का ,विद्रोह नहीं क्य...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
50

"पुस्तक समीक्षा प्रारब्ध" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अभिव्यक्तियों का उपवन है "प्रारब्ध"-0-0-0-     कुछ समय पूर्व मुझे श्रीमती आशा लता सक्सेना के काव्यसंकलन “प्रारब्ध” की प्रति डाक से मिली थी। आज इसको बाँचने का समय मिला तो “प्रारब्ध” क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
119

अभिनेत्री शबाना आज़मी [नायक / नायिकाओं द्वारा गाये गाने - 3]

फिल्म अभिनेत्री शबाना आज़मी ने मुज्ज़फर अली की फिल्म अंजुमन [1986] के लिए तीन गाने रिकॉर्ड किये थे ! फिल्म रिलीज नहीं हो सकी लेकिन उनके गाये ये गीत ज़रूर बहुत सुने गए, खासकर भूपिंदर सिंह के साथ गाई ग़ज़...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
सिनेमा गीत-संगीत
119

आये दाउद हाथ, होय फिर सत्ता पक्की |

अटकल दुश्मन लें लगा, है चुनाव आसन्न |बुरे दौर से गुजरती, सत्ता बांटे अन्न |सत्ता बाँटे अन्न, पकड़ते हैं आतंकी |आये दाउद हाथ, होय फिर सत्ता पक्की |  हो जाए कल्याण, अभी तक टुंडा-भटकल |पकड़ेंगे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
43

साज कोई छेड़ो

              साज कोई छेड़ोगीत नया गाने दो बहुत तनहा है ये दिल आज उसे बह जाने दो    प्यार की ये नजर   अब इधर मोड़ दो   किस तरह प्रीत का   वो डोर न तोड़ दो  इक नशा था वो वक़्त भ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
यूं ही कभी
55


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