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नई हलचल

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सगी बहन : भगवती शांता -2

सर्ग-1भाग-2 दशरथ बाल-कथा --   दोहा इंदुमती के प्रेम में, भूपति अज महराज |लम्पट विषयी जो हुए, झेले राज अकाज ||1||घनाक्षरी  दीखते हैं मुझे दृश्य मनहर चमत्कारीकुसुम कलिकाओं से वास तेरी आती है ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
59

हिन्दू प्राण बसे भगवा में

हिन्दू प्राण बसे भगवा में ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
shikhakaushik06 - MY YOU TUBE CHANNEL
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नहीं झुका था भगवा तब भी नहीं झुकेगा आज !

हिन्दू प्राण बसे  भगवा में भगवा से है जुडी आस्था ; श्रद्धा और विश्वास ,हिन्दू प्राण बसे  भगवा में ; ये आती जाती श्वास  !भगवाधारी   संतों ने ज्ञान प्रकाश फैलाया ,सत्य,अहिंसा ,मानवता का  पा...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
(विचारों का चबूतरा )
75

सपनों को भी ऊगाना-------

उलाहना देती आवाज गूंजती निकल जाती है करीब से कहती है सुनोआम आदमी के सपनेउपज रहे हैं जमीन से------सिखाकर उड़ा दिये जाते हैं  पत्थरों के महल से कबूतर आम आदमी केसपनों को भदरंग करने-----सपने तो सपने...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
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फूलों जैसे कोमल मन के हम बच्चे हैं

फूलों जैसे कोमल मन के तितली जैसे चंचल हैं ,हम बच्चे हैं प्यारे-प्यारे सदा ह्रदय से निर्मल हैं .होंठों पर मुस्कान सजाये उछल-कूद हम करते हैं ,अपनी मीठी बोली से सबका मन हर लेते हैं .पापा के हम राज दु...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरा आपका प्यारा ब्लॉग
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आस्था की प्यास

अदाकारों के संग जिन्दगी चलती चली गई।आस्था की प्यास और तपती चली गई। जीवन्त अभिनय था मन अभिभूत हो गया।करुणा में गोते खाते अनुराग हो गया।थी रोशनी की आस,रोशनाई का साथ हो गया।मणि की च...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vandana
Wings of Fancy
100
हम हिन्दुस्तानी HAM HINDUSTANI
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"अमर भारती साप्ताहिक पहेली-103" (श्रीमती अमर भारती)

पहेली का सिलसिला फिर से शुरू!अमर भारती साप्ताहिक पहेली-103में आप सबका स्वागत है!निम्न चित्र को पहचानकर बताइए कि यह कौन का घाट है और कहाँ पर स्थित है?उत्तर देने का समय30 जनवरी, 2013, सायं 7 बजे ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
9

इक चमेली के मंडवे तले

          - मख़दूममोहिउद्दीनइकचमेलीकेमंडवेतले मयकदेसेज़रादूरउसमोड़पर दोबदनप्‍यारकीआगमेंजलगए प्‍यारहर्फे़वफ़ा[1]... प्यारउनकाखु़दा प्‍यारउनकीचिता।। दोबदनप्‍यारकीआगमेंज...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
63

तुम ही हो दामिनी।

चित्र गूगल से साभार जानती थी मैंजीवन एक  संघर्ष है ,       हर युद्ध के पहलेयुद्ध की घोषणा करना पड़ता है।पर पशुयों को यह नियम पता कहाँ ?बिना चेतावनी के मुझ पर हमला किया ,हिम्मत नहीं हार...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kalipad
अनुभूति
61

लड़ो कि तुमको लड़ना है...........माधवी श्री

लड़ो कि तुमको लड़ना हैलड़ कर जीने का हक हासिल करना है।ये दुनिया जो तुम्हें गर्भ सेइस दुनिया में आने के लिए प्रतिबंधित करती है ...... ... आने के बाद हर पलतुमसे तुम्हारे लड़की होने काहिसाब मांगती है।ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
72

ऐ मेरे वतन के लोगो

ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानीजो शहीद हुये हैं उन की जरा याद करो कुर्बानी।य़ह भावपूर्ण गीत कवि प्रदीप ने लिखा था और इस में भारतीय सैनिकों के साहस, वीरता और देश-प्रेम के साथ साथ उन की दु...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
123

आज को जिएं, खुश रहें !

कल क्या होगा ? इस चिंता में लोग अक्सर अपने आज के साथ नाइंसाफ़ी कर बैठते हैं ! परेशान रहने से किसी समस्या का समाधान नहीं होने वाला ! आने वाला कल कैसा होगा यह बहुत कुछ हम पर निर्भर करता है ! अपने आज को ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rishikesh Meena
Rishikesh Meena
91

क़द्र रौशनी की

क़द्र रौशनी की जिन आँखों ने देखे थे सपने चाँद सितारों के वो जल-जल कर आज अग्नि की धार बने हैं सपने हों या तारें हों, अक्सर टूटा ही करते हैंहो क्यों विस्मित जो टूट आज वो अंगार बने हैंअंगारों ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
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Happy Republic Day..और नंदी साहब प्लीज घर बैठो

आज देश का गणतंत्र 63 साल का हो गया है। एक तरफ राजपथ पर सरहदों की रक्षा करने वाले रणबांकुरे कदमताल कर रहे थे,  तो दूसरी तरफ जयपुर में आशीष नंदी बता रहे थे कि उनके जैसे लोग बदलते समय के साथ बदलने को ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
rohit
26
Copy & Pest
110

No Title

Mujra at Bihari Wedding.....:)...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar
मैं और उनकी तन्हाई
62

प्यार या इमोशनल अत्याचार... ?

इस तकनिकी दुनिया ने रिश्तों की एहमियत भुला दी है, बस 4 दिन की चैटिंग, 4-5 फोन कॉल्स में ही आज कल प्यार हो जाता है और फिर यूँही दिल भी टूट जाता है, बस इसी कहानी को बयां मेरी ये कविता -इस वर्चुअल वर्ल्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Mahesh Barmate
माही....
78

आपकी याद आती रही रात भर

- फ़ैज़अहमदफ़ैज़मख़दूम[1] कीयादमें-1"आपकीयादआतीरहीरात-भर"चाँदनीदिलदुखातीरहीरात-भरगाहजलतीहुई, गाहबुझतीहुईशम-ए-ग़मझिलमिलातीरहीरात-भरकोईख़ुशबूबदलतीरहीपैरहन[2]कोईतस्वीरगातीरहीरात-भरफि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
61

एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती है

एक बच्ची स्कूल नहीं जाती, बकरी चराती हैवह लकडियां बटोरकर घर लाती हैफिर मां के साथ भात पकाती हैएक बच्ची किताब का बोझ लादे स्कूल जाती हैशाम को थकी मांदी घर आती हैवह स्कूल से मिला होमवर्क मां-बाप ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Deen Dayal Singh
बचपन के रंग
62

गुल और मय्यत

Sudheer Maurya*********************मेरी मय्यत से लिपट कर वो गुलो का हार रो पडा शायद वो भी उसका ठुकराया हुआ था सुधीर मौर्य 'सुधीर' गंज जलालाबाद, उन्नाव 209869     for gazal, nazm & poems...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
ब्लाग तड़ाग
141

डाक्टर नहीं कहता कभाडी़ का लिखा पढ़ने की कोशिश कर !

आसानी से अपने आस पास कीमकडी़ हो जानाया फिर एक केंचुआमक्खी या मधुमक्खीपर आदमी हो जानासबसे बड़ा अचम्भाउसपर जब चाहो मकड़ी कछुऎ बिल्ली कुत्ते उल्लू या एक बिजली का खम्बाछोटा हो या लम्बासमय के हि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डा0 सुशील कुमार जोशी
उल्लूक टाईम्स
56

पीड़ा..

सुधीर मौर्य***********वोबिस्तरपरबार-बारकरवटेंलेतीहै, सोनेकाप्रयत्नकरतीहैकिन्तुअसफलहोतीहै।उसकीआंखोंमेंनींदनहींहै, नींदकीजगहतोउसकेचेहरेनेलेलीहै, खुलीआंखोंसेवोउसकेख्वाबदेखरहीहै, आंखेब...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
संजोत (Sanjot)
78

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सगी बहन : भगवती शांता -1

दिनेश चन्द्र गुप्ता ,रविकर वरिष्ठ तकनीकी सहायक इंडियन स्कूल ऑफ़ माइंस धनबाद झारखण्डपिता:  स्व. सेठ लल्लूराम जी गुप्ता माता : स्व. मुन्नी देवी धर्म-पत्नी : श्रीमती सीमा गुप्ता सुपुत्र : कुमार श...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
101

सामाजिक स्थिति और चिंतन - 3

झूठ .... एक के बाद एक झूठ का सिलसिलाऔर फिर झूठ पुख्ता सच हो जाता है सवाल गलत से उठते ही नहीं सवाल तो कर्मठ विद्यार्थी से होते हैं जो चाक़ू लेकर बैठता है उसे हल बता दिए जाते हैं ................... सम...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
65

आप की याद आती रही रात भर

- मख़दूममोहिउद्दीनआपकीयादआतीरहीरातभरचश्मेनममुस्कुरातीरहीरातभर।रातभरदर्दकीशम्माजलतीरहीग़मकीलौथरथरातीरहीरातभर।बाँसुरीकीसुरीलीसुहानीसदायादबनबनकेआतीरहीरातभर।यादकेचाँददिलमें...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
70

गणतंत्र दिवस

सत्य अहिंसा का पाठ पढाता,हर्षोल्लास भरा गणतंत्र दिवस है।जागो मेरे भारत के सपूतो,सोये देश को नई पहचान बनाना है।नफरत,बुराई बैर मिटा के,विश्व में भारत को उठाना है।कुटिल,दुराचारियों एव पापियो...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
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