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"ब्लॉग - चिठ्ठा" की सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग - पोस्टों की सूची (1 से 5 अगस्त, 2013) जल्द प्रकाशित करने की घोषणा।

"ब्लॉग - चिठ्ठा"हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग - पोस्टों की सूची बनाने जा रहा है जिसकी पहली कड़ी जल्द ही प्रकाशित होगी। "ब्लॉग - चिठ्ठा" "हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग - पोस्टें" नाम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
blog - chiththa
102

परिणाम की परवाह नहीं

-सौम्या अपराजिताप्रियंका चोपड़ा जितनी चंचल और खुश मिजाज हैं उतनी ही भावुक और संवेदनशील भी। पिता के निधन के बाद पहली बार जब प्रियंका पत्रकारों के समक्ष आयीं ,तो उनसे पिता के अभाव में होने वाले ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Somya
सौम्य वचन
52

नव दुनियाँ बसाएब हम

बाल कविता-96नव दुनियाँ बसाएब हमपाथरकेँ फोड़ि जेना झरना बहराइत अछिमेघकेँ तोड़ि जेना सूरज गरमाइत अछिधरतीकेँ फोड़ि जेना गाछ बहराइत अछितहिना निर्भिक भऽ दुनियाँमे आएब हमअपन शक्तिसँ नव दुनियाँ बसा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
32

अब चोरी हुआ फोन आसानी से वापस मिल जाएगा !

जरा सोचिए अगर आपने नया गूगल हैंडसेट खरीदा है और वो चोरी हो जाए तो कैसा लगेगा। दिल टूट सा जाएगा, है ना? गूगल ने शायद इस तकलीफ को समझ लिया है। तभी तो गूगल ने अपनी नई सर्विस लॉन्च कर दी है। गूगल का नया...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
100

तमन्ना

अर्पण आज तुमको हैं जीवन भर की सब खुशियाँ पल भर भी न तुम हमसे जीवन में जुदा होना रहना तुम सदा मेरे दिल में दिल में ही खुदा बनकर ना हमसे दूर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
71

माँ

पूरी  वो  करती   रहे  दिन भर  सबकी बात,सदा ही  वो  खटती रहे  दिन होवे  या  रात!सुबह  से लेकर रात तक तनिक चैन ना  पाय, माँ   तो मानो हो गयी  बस सेवा  का  पर्याय!जब  भी  मुझक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
57

भाषा वर्तनी खाने लगी है। अपभ्रंश से आगे जाने लगी है।

कलम की खुश्बू ,विवेक दोनों  गायब हैं - भाषा वर्तनी खाने लगी है मोबाइल की नै वर्तनी -व्याकरण भुलाने लगी है।उच्चारण शाश्त्र को डेनियल जान्स केतड़पाने लगी है -शेक्स्पीयर की आत्मा चिल्लाने...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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Golden Vienna - Vienna dorata - स्वर्णिम वियेना

Vienna, Austria:"Gilding" or applying a thin layer of gold over objects, is an ancient art. In Amritsar in India, a Sikh temple is completely covered with gold. Today's images have some examples of this art from Vienna.वियेना, ओस्ट्रियाः "गिल्डिन्ग" यानि वस्तुओं पर स्वर्ण की परत लगाने की कला बहुत पुरानी है. भारत में अमृतसर का ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
63

साम्प्रदायिक हिंसा: कौन है दोषी?

मेरे एक मित्र, आसानी से हार मानना जिनके स्वभाव का हिस्सा नहीं है, अपनी वक्तृव्य कला का उपयोग कर मुझे यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि साम्प्रदायिक हिंसा के लिए भाजपा से कहीं ज्यादा कांग्रेस जिम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
40

जिंदगी {आपसे कुछ कह रहीं हैं ....}

मैं जिंदगी हूँ ,मेरा वजूद बहुत हसींन औरसौम्य हैं | ताजे खूबसूरत खिलते गुलाब सी खूबसूरत या मुस्कुराते/खिलखिलाते बच्चे साखूबसूरत मेरा अस्तित्व हैं |वैसे तो मैं दुनिया के हर जीव  में हूँ ,परमैं ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
69

काया नहीं तेरी ,नहीं तेरी

संत कबीर का एक बिरला पद भावार्थ सहित कबीर के काव्य में मिश्रण बहुत है। कहत कबीर सुनो  भाई साधौ के साथ बहुत कुछ लिख दिया गया है जो कबीर के मूल साहित्य में खोजे नहीं मिलता है। यहाँ हम कबीर की ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
43

sainj to luhri,सैंज से लुहरी

sainj to luhri,सैंज से लुहरीkarsog to rampur road दस किलोमीटर चलते ही मै रास्ता भटकने की स्थिति में आ गया । मै नारकंडा जा रहा था जिसके लिये लुहरी से रास्ता कटना था और वो रास्ता सैंज होकर जाना था । करसोग से रामपुर 75 था ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
111

गुज़ारिश दोस्तों की : चर्चा मंच 1328

 .. शुभम दोस्तो ..दोस्ती है राधा संग कृष्ण का प्यारा अहसास  दोस्ती है सुदामा और कृष्ण का अटूट विश्वास मैं सरिता भाटिया लाई हूँ आज की चर्चा '' गुज़ारिश दोस्तों की ''||||पल पल महके प्रे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
147

"आम डाल के-अपनी बालकृति-हँसता गाता बचपन से" (डॉ. रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक')

अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन" सेएक बालकविताप्रस्तुत कर रहा हूँ-"आम डाल के"आम पेड़ पर लटक रहे हैं।पक जाने पर टपक रहे हैं।।हरे वही हैं जो कच्चे हैं।जो पीले हैं वो पक्के हैं।। इनमें था जो सबसे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
199

सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को 'पत्र' लिखा

सोनिया गांधी, संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन की चेयरपर्सन ने देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा, लेकिन यह कोई प्रेम पत्र नहीं था। यह पत्र आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्‍ति नागपाल के निलम्‍ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kulwant Happy
Fast Growing Hindi's Website
113

अमेरिका के पहले राष्‍ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन नहीं थे

जब 1776 में अमेरिकी कॉलोनियों को ब्रिटिश साम्राज्‍य से स्‍वतंत्रता मिली, और 1789 में जॉर्ज वाशिंगटन पहले राष्‍ट्रपति अमेरिका चुने गए।  लेकिन इतिहास के पन्‍ने पलटने पर यह पता चला है,वर्जिनिया का...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kulwant Happy
Fast Growing Hindi's Website
208

दोस्त

       आज मित्रता दिवस पर विशेष , मेरे सभी मित्रों को समर्पित :       दोस्त जो होता है होता है कुछ खास. दोस्ती होती है एक सुनहरा एहसास. दोस्त स्वीकारता है हमें, यूँ ही हम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
KAVYASUDHA (काव्य सुधा)
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)
50

कौड़ी की माया

प्रायः हम बोलचाल में कौड़ी से संबंधित मुहावरे का प्रयोग करते हैं.जैसे-'दो कौड़ी का आदमी' या 'कौड़ियों के मोल' आदि.दूर दराज के इलाकों में आज भी कौड़ियों का महत्वकमनहींहै. कौड़ी एक मजबूत मुद्रा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
92

असमंजस

मैं बस यही अब चिंतन करूँ,क्रंदन करूँ या अभिनन्दन करूँ,जीत की इस मधुर बेला में,तम हरण का उत्सव करूँ या,विधाता की इस निष्ठुर लेखन पर,भिगो नैन अब मातम करूँ,लहू से सुसज्ज्ति हो इठलाती, उस खडग की मैं प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अखिलेश रावल
"मेरे भाव मेरी कविता"
67

लगा ठिकाने बाप, गई माँ जिसे बहाने-

 अरुण निगम जी को जन्म दिवस की शुभकामनायें- भैया जी शुभकामना, काम मना पर आज |जन्म दिवस लेते मना, रविकर दे आवाज |रविकर दे आवाज, कहीं कविता हो जाती |मित्र मंडली साज, साँझ होती मदमाती |दुर्मिल मदिरा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
49

वहाँ पाक में स्वाँग, खेल में बँटता बच्चा

बच्चा बँटता इस तरह, ज्यों बच्चों का खेल |रीयल्टी शो पाक का, आतंकी भी फेल |आतंकी भी फेल, दुधमुहाँ नए ठिकाने |लगा ठिकाने बाप, गई माँ जिसे बहाने | घर घर बच्चा माँग, यहाँ नक्सल को गच्चा |वहाँ पाक में स्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
73

दोस्ती दिवस की शुभकामनाएँ

दोस्त हैं एक पंख वाले फ़रिश्ते कहलाते लग जाएँ गले तो ही हम हैं उड़ पातेहम हैं एक दूसरे के लिए बेजोड़ फ़रिश्ते बिना ही बंधन बंध जाते दोस्ती के रिश्ते  जानें उनकी कीमत बिछुड़ जाने के बाददुन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
46

एक ग़ज़ल : दर्द-ए-उल्फ़त..

दर्द-ए-उल्फ़त है ,भोला भाला हैदिल ने मुद्दत से इसको पाला हैसैकड़ों तल्ख़ियां ज़माने  कीजाम-ए-हस्ती में हम ने ढाला हैमैं तो कब का ही मर गया होतामैकदो ने मुझे सँभाला  हैजब हमें फिर वहीं बुलाना...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
आनन्द पाठक
गीत ग़ज़ल औ गीतिका
48

संताची लव्ह स्टोरी

संताला रस्त्यावर 500 रुपयांची नोट सापडते..त्या नोटवर I LOVE YOU...लिहिलेले असते.....संता लाजून ती नोट उचलतो..आणि त्यावर लिहितोI LOVE YOU TOO.....आणि शेवटी नोट त्याच ठिकाणी ठेवून निघून जातो.... हेही वाचा- इंटरनेटव...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
52

लोकतंत्र को छद्म लोकतंत्र में परिवर्तित कर दिया है !!

हमारे देश में शासन व्यवस्था के आज के हालत देखें तो लोकतंत्र के नाम पर छद्म लोकतंत्र ही दिखाई देता है जिसमें लोकतंत्र होनें का आभास तो होता है लेकिन हकीकत स्थति उसके उलट दिखाई देती है !  संविध...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
28

कौड़ी की माया

प्रायः हम बोलचाल में कौड़ी से संबंधित मुहावरे का प्रयोग करते हैं.जैसे-'दो कौड़ी का आदमी' या 'कौड़ियों के मोल' आदि.दूर दराज के इलाकों में आज भी कौड़ियों का महत्वकमनहींहै. कौड़ी एक मजबूत मुद्रा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
118

समझदार सरपंच और मौसम विभाग

एक बार मुझे मेरे गाँव का सरपंच बना दिया गया.. गाँव वालो ने सोचा की छोरा पड़ा लिखा है...समझदार है, अगर ये सरपंच बन गया तो गाँव की भलाई के लिए काम करेगा..मौसम बदला, सर्दियों के आने के महीने भर पहले गाँव...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
147

कलम की खुशबू

बहुत समय बाद कुछ लिखना चाहा तो कलम की जगह अपना मोबाइल उठायाज़िन्दगी की खिटपिट और मोबाइल की पिट पिट से तंगबस कुछ शब्द ही जोड़ पायाभौतिकता में उलझी ज़िन्दगी पे खुद से कई सवाल किएऔर अपने ही सवा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
42

अपना ब्लॉग कैसे बनायें

नमस्कार दोस्तों, मैं आज आपको अपनी इस पोस्ट में यह बताऊंगा कि अपना ब्लॉग कैसे बनाते हैं।  वैसे तो ब्लोगिंग के बहुत सारे पोर्टल हैं लेकिन मैं आपको सिर्फ ऐसे पोर्टल ब्लागस्पाट डॉट इन के बारे मे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Farruq
Hindi Internet Technology
210

खामखाँ लिख चिट्ठियाँ, करते इंक खराब-

धार्मिक भावनाएं क्या हुई, कोई छुई-मुई हो गई ! पी.सी.गोदियाल "परचेत"  अंधड़ ! -  खामखाँ लिख चिट्ठियाँ, करते इंक खराब |लहरायें जब मुट्ठियाँ, देना तभी जवाब |देना तभी जवाब, नहीं दुर्गा बेचारी |यू पी रा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
48


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