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नई हलचल

असमंजस..

कल रात सपने में वो मिला था कर रहा था बातें, न जाने कैसी कैसी कभी कहता यह कर, कभी कहता वो कभी इधर लुढ़कता,कभी उधर उछलता फिर बैठ जाता, शायद थक जाता था वो फिर तुनकता और करने लगता जिरह ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
70

ग़ज़ल (पहचान)

कल  तलक लगता था हमको शहर ये जाना हुआइक  शख्श अब दीखता नहीं तो शहर ये बीरान है बीती उम्र कुछ इस तरह कि खुद से हम न मिल सके जिंदगी का ये सफ़र क्यों इस कदर अंजान हैगर कहोगें दिन  को दिन तो ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
ग़ज़ल गंगा
70

'घटना-बढ़ना..'

..."घटना-बढ़ना नियम है प्रकृति का..जैसे प्रेम का माधुर्य समीप रहने से बढ़ जाता है और आँखों से ओझल होते ही घटने लगता है..!!! ठीक वैसे ही जैसे, सागर और आकाश की निकटता से लहरें अपना वेग बढ़ा लेतीं हैं..मिट...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION
57

सामाँ होता तो

सपना होता तो उड़ान भी होती रेला होता तो लगाम भी होती इक चुप सी लगी है जाने बात होती तो जुबान भी होती वक्त के साथ सारे तूफ़ान गये ठहरे होते तो थकान भी होती क्यूँ आहों को सजाये ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sharda Arora
गीत-ग़ज़ल
81

'विश्वरूपम' - बिना मतलब का विवाद

'विश्वरूपम' पर बिना मतलब का विवाद उठाया जा रहा है। मामला कोर्ट में है, जिसे दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला सुनाना चाहिए। राजनितिक कारणों से अथवा पब्लिसिटी के लिए विवाद करना, विरोध स्वरुप जगह-...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shah Nawaz
29

Giant - Gigante - भीमकाय

Lisbon, Portugal: The old part of the city is built on a hill and is called Bairro Alto (high city). From there you can find beautiful views of the bay of Lisbon and the roofs of the houses. There I saw this sculpture showing a giant with fear in his eyes and a nude man. May be it shows nature afraid of the humans?लिसबन, पुर्तगालः शहर का पुराना हिस्सा एक पहाड़ी पर बना है जिसे "बाइरो आ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
37

मृत्यु के निकट

संगत से जो गुण जात हैं तो आवत काहे नहीं एक सड़ा सेब सारे सेब सड़ा देता है 99 अच्छे सेब एक सड़े को अच्छा क्यूँ नहीं बनाते ...रश्मि प्रभा ==================================================================आत्म प्रशंसा त्याज्य है, पर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
71

वही ख्याल: लीक से हटकर - 1

कल्पना की कोई सीमा नहीं ......मन सिर्फ सपनाता ही नहीं,ना ही विरोध करता है - प्रेम, मृत्यु, विकृति, श्रृंगार, अध्यात्मबात एक ही होती है पर कई अलग से ख्यालों से गुजरता है शक्स ! ... .पढ़ते हुए आप समझत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
62

हर सपना होंगा सच - बैज्ञानिक ढंग से तैयार विजुलायिजेसन की आडियो

प्राचीन भारतीय ऋषि मुनि ध्यान द्वारा परमात्मा से साक्षात्कार करते थे ,इसके लिए वे मस्तिष्क कि अनंत शक्तियों का उपयोग करते थे |आधुनिक शोधो से मानव मन के दोप्रकार ज्ञात हुए हैं –चेतन वा अवचेतन |...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
265

पाताल गैरोली से चलें बेदिनी बुग्याल को

पाताल गैराली से दिखता रनकाधार , इस चोटी के दूसरी ओर वाण् गांव है जहां से हमने चढाई शुरू की थी इस लेख को आगे पढने के लिये यहां क्लिक करें...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

पाताल गैरोली से चलें बेदिनी बुग्याल को

पाताल गैराली से दिखता रनकाधार , इस चोटी के दूसरी ओर वाण् गांव है जहां से हमने चढाई शुरू की थी इस लेख को आगे पढने के लिये यहां क्लिक करें...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
105

बापू तुम सोये कहा हों

visit.. http://www.mahaktepal.comओ सत्य अहिंसा वाले,थे देश के तुम उजियारे,बापू तुम सोये कहा हों ,है वक्त कि तुम अब यहाँ हों.बापू तुम अब फिर आओ,सोये  इंसान  जगाओ ,  इन हैवानों से फिर तुम,ये देश आजाद कराओ.अब माँ-बहन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
sakhi
sakhi with feelings
136

गण"तंत्र" दिवस बनाम "गण"तंत्र दिवस

(इसे लिखा तो मैंने 26 जनवरी को ही था, मगर पोस्ट नहीं कर पाया था.)        जो लोग गण"तंत्र" दिवस मनाते हैं, वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर बुलेटप्रूफ कारों में बैठकर आते हैं, ब्लैक कैट कमाण्डो के ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
66

साहित्य श्री सम्मान २०१२-२०१३

ईश्वर की अनुकंपा और अपनों की शुभकामनाओं से पिछले दिनों साहित्य में उल्लेखनीय योगदान हेतु सारिका मुकेश को "साहित्य श्री सम्मान २०१२-२०१३" से सम्मानित किया गया..."साहित्य -श्री सम्मान"  प्रतीक-...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
63

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सगी बहन : भगवती शांता-4

अब-तक दशरथ की अप्सरा-माँ स्वर्ग गई दुखी पिता-अज  ने आत्म-हत्या करली ।पालन-पोषण गुरु -मरुधन्व  के आश्रम में नंदिनी का दूध पीकर हुआ ।।कौशल्या का जन्म हुआ-कौसल राज के यहाँ -लिंक -मर्यादा पुरुष...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
62

मानवाधिकार व् कानून :क्या अपराधियों के लिए ही बने हैं ?

मानवाधिकार व् कानून :क्या अपराधियों के लिए ही बने हैं ? Updated on: Tue, 29 Jan 2013 02:28 PM (IST) ।[दैनिक जागरण से साभार ] आज सारा विश्व मानवाधिकार की राह पर चल रहा है और समस्त विश्व का फौजदारी कानून सबूतों से अपराध ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
कानूनी ज्ञान
147

"उत्तर-अमर भारती-पहेली-103" (श्रीमती अमर भारती)

अमर भारती साप्ताहिक पहेली-103का सही उत्तर है!त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश (उत्तराखण्ड)श्रीमती राजेश कुमारीने सबसे पहेली का पहले सही उत्तर दिया,और आज की पहेली के विजेता रहीं!आपके प्रतिभाग करने के लिए ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
3

मुझे कॉंग्रेस पसंद है पर मैं हिन्दू भी हूँ!

  मुझे  कॉंग्रेस पसंद है पर मैं हिन्दू भी हूँ!किसी ने टिप्पणी की -''पिछली कुछ प्रस्तुतियों से सर्वथा भिन्न प्रस्तुति देख कर कुछ आश्चर्य लगा ,आपके कई आलेख कांग्रेस के और राहुल गाँधी की प्रशं...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
(विचारों का चबूतरा )
100

नाबालिग ले ढूँढ़, होय बढ़िया कद-काठी -

 वो धमकी दे रहा है।  Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA लाठी हत्या कर चुकी, चुकी छुरे की धार |कट्टा-पिस्टल गन धरो, बम भी हैं बेकार |बम भी हैं बेकार, नया एक अस्त्र जोड़िये |सरेआम कर क़त्ल, देह निर्वस्त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
49

" तुम ही हो दामिनी।"

शब्दों के हिंसक प्रयोग से अधिक यह आत्मा का रुदन है आंसू सूख भी गए तो लकीरें काफी हैं इंसानियत को जगाने के लिए ........ रश्मि प्रभा ==============================================================जानती थी मैंजीवन एक  संघर्ष ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
72

भजन

GRAPHICS DESIGN BY R. K. SRIVASTAVA         भजन राम  कहें  या  ईशु  कहें ,अल्लाह कहें या वाहेगुरु।सबका मतलब, एक है यारों,कुछ भी कहें, सब एक है वो।।दीन-दुखियों के, वो रखवाले ,हर शै   में  है ,  उसका नूर ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
राकेश श्रीवास्तव
96

दिलीप, शाहरुख़ और हम सारे वेल्ले...खुशदीप

इतिहास खुद को दोहराता है...पहले दिलीप कुमार और अब शाहरूख़ ख़ान...आता हूं इस बात पर लेकिन पहले एक और आइना देख लिया जाए...वाकई हमने साबित कर दिया है कि हमसे ज़्यादा दुनिया में कोई और वेल्ला नहीं है... स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

मानवाधिकार व् कानून :क्या अपराधियों के लिए ही बने हैं ?

मानवाधिकार व् कानून :क्या अपराधियों के लिए ही बने हैं ? Updated on: Tue, 29 Jan 2013 02:28 PM (IST)।[दैनिक जागरण से साभार ] आज सारा विश्व मानवाधिकार की राह पर चल रहा है और समस्त विश्व का फौजदारी कानून सबूतों से अपराध स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
50

कहानी

   अनुत्तरित प्रश्न रविवार की सुबह रामचन्द्र परेशान सा चारपाई पर बैठा समाचार पत्र पढ रहा था। तभी प्रतिष्ठित दल के उम्मीदवार ने अपने कार्यकर्ताओँ के साथ प्रवेश किया।   "नमस्ते जी।" सभी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Gurpreet Singh
युवाम
129

एक न्यायपालिका: जड़बुद्धि, दकियानूस तथा चापलूस!

       सन्दर्भ नं. 1: कुछ समय पहले एक देश में विश्व का जघन्यतम बलात्कार हुआ था। अगर वहाँ का सर्वोच्च न्यायालय चाहता, तो ऐसा निर्देश दे सकता था कि चूँकि यह एक अ-साधारण मामला है, अतः इसकी सुन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
64

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सगी बहन : भगवती शांता

अब-तक दशरथ की अप्सरा-माँ स्वर्ग गई दुखी पिता-अज  ने आत्म-हत्या करली ।पालन-पोषण गुरु -मरुधन्व  के आश्रम में नंदिनी का दूध पीकर हुआ ।।कौशल्या का जन्म हुआ-कौसल राज के यहाँ -लिंक -मर्यादा पुरुष...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
58

एक जानकारी गौरेया के बारे में।

गौरेया पासेराडेई परिवार की सदस्य है, लेकिन कुछ लोग इसे वीवर फिंच परिवार की सदस्य मानते हैं। इनकी लम्बाई 14 से 16 सेंटीमीटर होती है तथा इनका वजन 25 से 32 ग्राम तक होता है। एक समय में इसके कम से कम तीन ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
गौरेया
259

उर्दू बह्र पर एक बातचीत -6 बह्र-ए वाफ़िर

उर्दू बह्र पर एक बातचीत -6बह्र-ए वाफ़िर [1 2 1 1 2 ][Disclaimer clause : -वही -[भाग -1 का][ अब तक ’बह्र-ए-मुतक़ारिब’, बह्र-ए-मुत्दारिक, बह्र-ए-हज़ज , बह्र-ए-रमल और बह्र-ए-रजज़ पर बातचीत कर चुका हूं और बात स्पष्ट करने के लिए उन की ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
आनन्द पाठक
उर्दू से हिंदी
56


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