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नई हलचल

जो कह न सकी

माँ....एक ऐसा शब्द जिसे बच्चा सबसे पहले कहता है.मेरी माँ...जिन्हें मैंने हर वक्त अपने साथ पाया....मुश्किल पलों में सहेली के रूप में,जीवन की कठिन राहों में मार्गदर्शक के रूप में,अकेलेपन में सहारे के ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
39

स्कूल का पहला दिन

आज अचानक अपने स्कूल का पहला दिन याद आ गया.छोटी होने के कारण कई फायदे तो थे लेकिन नुकसान भी था...मुझे घर पर सारे दिन अपने भाइयों के स्कूल से घर आने का इंतजार करना पड़ता था,इस बोरियत को मिटाने के लिए म...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
51
दुनिया
54
आशियाना Aashiyana
61

भेलवाले बाबा

कल मार्केट में एक भेल(मुर्रे में कुछ चटपटी चीजें मिलकर बनाई जाती है/गुपचुप की दूर की बहन)वाले को देख कर अचानक अपने स्कूल के सामने खड़े होने वाले भेल वाले बाबा की याद आ गई.......हमारे भेलवाले बाबा हम ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
51

कवि,लेखक और चिंतक प्रेम भारद्वाज के निधन पर..........

अब नहीं बहेगा "प्रेम" का झरना !पहाड़ी ग़ज़ल के दुःष्यंत कुमार,प्रेम भारद्वाजका निधन। प्रख्यात साहित्यकार विष्णु प्रभाकर के निधन से जगत में शोक की लहर अभी थमी नहीं थी कि हिमाचल प्रदेश ने 13 मई 200...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
प्रकाश बादल
प्रकाश बादल
91

मार्केटिंग का हिंदी फंडा

एक लड़के को सेल्समेन के इंटरव्यू में इसलिए बाहर कर दिया गया क्योंकि उसे अंग्रेजी नहीं आती थी। लड़के को अपने आप पर पूरा भरोसा था। उसने मैनेजर से कहा कि आपको अंग्रेजी से क्या मतलब ? अगर मैं अंग्रेज...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
RAVINDRA RANJAN
आशियाना Aashiyana
73
दुनिया
45

इंटनरेट से ऐसे करें कमाई

इंटरनेट पर आमतौर पर आजकल लोग कुछ घंटे तो बिताते ही हैं। ब्लागिंग से जुड़े लोग नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं। ब्लागिंग भले ही मुफ्त हो, लेकिन इंटरनेट सर्विस मुफ्त में नहीं मिलती। इसके ल...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
RAVINDRA RANJAN
आशियाना Aashiyana
58

एक और धन्यवाद

पिछली बार मैंने अपने इतिहास के टीचर के बारे मैं लिखा था और आज मैं अपनी संस्कृत की टीचर के बारे मैं लिखना चाहती हूँ;वैसे ये करीब-करीब एक ही तरह की बात होगी लेकिन फ़िर भी....हम घर में बचपन से ही मंत्रो...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
43
दुनिया
47

शिमला पहुँची उड़नतश्तरी

सर्रर्रर्रर्रर्रर करती आई उड़नतश्तरी और दिल में उतर गई। समीर भाई के काव्य संग्रह "बिखरे मोती" ने मेरे दिल की कई तहों को खंगाला, कुरेदा, और मेरी स्मृतियाँ बरसों पुरानी दास्तानें कहने लगीं !-प्र...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
प्रकाश बादल
प्रकाश बादल
68

...तो फिर कौन है असली पप्पू?

-प्रशांत अगर आप भारत के नागरिक हैं और लोकसभा चुनावों में वोट डालने नहीं जाते हैं, तो आप पप्पू हैं, ये हम नहीं कह रहे चुनाव आयोग की ओर से जारी सारे विज्ञापनों में यही बताने की कोशिश की गई है... लेकिन...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
RAVINDRA RANJAN
आशियाना Aashiyana
62

वो कागज़ की कश्ती .......

एक अत्यंत प्रिय ब्लॉगर साथी ने कुछ ही दिन पहले मेल में लिखा कि" कितने बच्चे हैं न हम आज भी भीतर से ...!"इन शब्दों ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर हम बड़ों की दुनियाइतनी उदास और बुझी-बुझी सी शा...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
prakash govind
61

बोरकर सर:जिन्होंने कभी बोर नही किया

आज अचानक ही अपने स्कूल की बात याद आ गई.जब से इतिहास हमारे पाठ्यक्रम में आया;तभी से ये एक बोझ सा लगने लगा...इतने सरे सन् और तारीखें याद करना बहुत ही मुश्किल लगता था.याद हो भी जाता तो पेपर के समय इधर-...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
36

छोडो कल की बातें कल की बात पुरानी......

आप सबके स्नेह का आभार! पिछले दिनों मेरे साथ क्या हुआ आप सब जानते हैं। लेकिन बहुत से दोस्तों और मित्रों ने मेरे न लिखने के निर्णय को न मानने का आग्रह किया उनमें सर्वप्रथम मैं भाई श्री अनूप शुक्ल ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
प्रकाश बादल
प्रकाश बादल
79
दुनिया
48
दुनिया
44
दुनिया
52

राज ठाकरे के स‌मर्थन में...

कुछ दिन पहले मुझे एक ईमेल प्राप्त हुआ। यह ईमेल मेरे एक अजीज दोस्त ने भेजा था। फारवर्डेड मेल था लिहाजा यह नहीं पता चल पाया कि इसका जनक कौन है। लेकिन यह जरूर बताना चाहूंगा कि जिस दोस्त ने मुझे यह ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
RAVINDRA RANJAN
आशियाना Aashiyana
63

इधर स‌े गुजरा था स‌ोचा स‌लाम करता चलूं...

चुनाव के मौसम पर गर्मी का मौसम भारी पड़ने लगा है। मतदान की तारीख तेजी स‌े नजदीक आती जा रही है, लेकिन चुनाव प्रचार उतनी गति नहीं पकड़ रहा है। वजह, मौस‌म की मार। हिम्मत जुटाकर, कार्यकर्ताओं को जोश...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
RAVINDRA RANJAN
आशियाना Aashiyana
56

शिक्षा:ये क्या हुआ?

कल मेरी एक पहचान वाली ने मुझे अपने बेटे की हिन्दी मैं मदद करने के लिए कहा,क्यूंकि उसे हिन्दी नही आती और उसके बेटे की परीक्षा थी ,सो मैंने उसे शाम का समय दिया क्यूंकि मैं उस वक्त खाली होती हूँ.उसे...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
neha sharma
मेरी कहानी
44

सोचा भी न था कि ब्लॉगिंग का ये ईनाम मिलेगा!

डिप्रैशन में हूँ,परेशान हूँ लज्जित भी। मैंने जिस भाषा को अपनी कल्पना से भी दूर रखा, उसी भाषा का इसतेमाल करने का आरोप मुझ पर लगाया जाए तो भला एक संवेदनशील व्यक्ति के लिए इससे बड़ी शर्मिंदगी की बा...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
प्रकाश बादल
प्रकाश बादल
64
दुनिया
50
दुनिया
47

अशोक

दरवाजे पर का बूढ़ा अशोककहते हैं जिसे रोपा थामेरे दादा ने,खडा है अब भी,अब जबकिहमने बाँट ली हैउसके नीचे की एक एक पग धरतीघर,आंगन औरमन्दिर के देवता तक ।खड़ा है वह अब भीलुटाता हम पर अपनी छांह की आशीष...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
SHRI BILAS SINGH
कविता के बहाने
64

दूरियां

दूरियांमैं चली जाऊँ तो निराश मत होना.जीना ही तो है!एक सीधा-सा प्रश्नएक अटपटा-सा उत्तर.अपने अगले पलों में छिपाकर रखूँगी मैं तुम्हेंऔर तुम मुझे रखना.मौका पाते हीउन निधियों के हम सामने रख खोला कर...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
AJANTA SHARMA
अजन्ता शर्मा
43

मैं क्यों लिखता हूँ

मैं क्यों लिखताहूँ? यह एक ऐसा सवाल है कि मैं क्यों खाता हूँ... मैं क्यों पीता हूँ...लेकिन खाने और पीने पर मुझे रुपए खर्च करने पड़ते हैं और जब लिखता हूँ तो मुझे नकदी की सूरत में कुछ ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Ritesh
Satya: The Voice of Truth
52

उत्तर

उत्तरमरिचिका से भ्रमित हो वह प्रश्न कर बैठे हैंथोडा पास आकर देखेंजीवन बिल्कुल सपाट हैअपने निष्टुर आंखों सेजो आग उगलते रहते हैंउनपर बर्फ सा गिरतामेरा निश्छल अट्टहास हैजीवन ने फल जो दियावह अ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
AJANTA SHARMA
अजन्ता शर्मा
44

जीवन की इस राह में कभी भी ,कहीं भी अन्धकार में प्रकाश को खोजा जा सकता है...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Himanshu
आँगन.. जो बाहर होकर भीतर है
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