अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
हमारे विषय
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

अनुपम बलिदान...

कोई पत्थर को पूजता है,किसी के लिये  पत्थर भी है   इनसान...किसी की नजर में घर है मंदिर,किसी की नजर में केवल मकान...पन्ना मां ने अपना सुत,देकर बचाया राज वंश,देकर दान में कवज कुंडल,गवाने पड़े कर्ण ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
64

बालुक ढेरी

116.बालुक ढेरीदस-बीस टा लोक सदिखन एहि दरबज्जापर जुटले रहैत छलथि ।डेकचीक डेकची चाह बनैत छल ।पानक पीकसँ रंगाएल रहैत छल एतुका धरती ।चौबीसमे सोलह घण्टा व्यस्त रहैत छलथि सुकन बाबू ।डाकडरी, समाजिक क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
32

जादू

115. जादूसभागार खचाखच भरल छल ।मंचपर जादूगर अजब-गजब खेल देखा रहल छल ।असम्भव काजकेँ सम्भव होइत देख लोक छगुन्तामे छल ।खेल खतम भेलै ।पत्रकार जादूगरकेँ पूछऽ लागलै"अहाँ बिना कोनो शुल्क लेने जादू किए...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
32

कल चौदहवीं की रात थी, शब भर रहा चर्चा तेरा...

फ़िरदौस ख़ानउर्दू के मशहूर शायर और व्यंग्यकार इब्ने इंशा का असली नाम शेर मुहम्मद ख़ान था. उनका जन्म 15 जून, 1927 को पंजाब के जालंधर ज़िले के फिल्लौर में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा लुधियाना में हु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
39

कुछ न कहूँगा

चाहे यह ज़िंदगी खंगालोया तुम इसकी रूह निकालोठंडी आहें नहीं भरूँगा मैं सब कुछ चुपचाप सहूँगाअब मैं तुमसे कुछ न कहूँगामैंने कभी विरोध न मानाहर अनुरोध तुम्हारा मानामान तुम्हारा रख पाऊँ यह कोशि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
59

माँ निरूपमा : हाइकू

१. माँ की ममताहै बड़ी अनमोल माँ निरुपमा २. दया की मूर्ति लुटाती हैं खुशियाँक्षमा का मूल३. उठे जो हाथखुशहाली के लिए माँ अनपूर्णा४. माँ का आँचल स्नेह का महाकोषजिन्दा जन्नत५. ज्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
149

पढ़ पढ़ अखियाँ भर आई

स्वतंत्रता के गीत मधुरपढ़ पढ़ अखियाँ भर आईकैसे अत्याचार सहेकितनों के थे खून बहेबहुत सुनी गाथायें किवीरों ने जान गवाईंपढ़ पढ़ अखियाँ भर आई कोई गीत लिखूँ मैंने सोचायाद देस की बरबस आई आज भी अपन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
61

पांच चुनावी छ्क्के - डा.राज सक्सेना

बहूगुणा ने गुण दिखा, दी होली की छींट |अध्यक्षी को कर दिया,उसने महिला सीट |उसने महिला सीट, सैकड़ों को  दहलाया,कर के हेरा फेर, नगर को मूर्ख  बनाया |कहे 'राजकवि',     सपने सारे दिए उड़ा,चीख रहे कुछ ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
58
अल्लम्...गल्लम्....बैठ निठ्ठ्लम्...
72

Mountain plateau - Altopiano - पर्वतीय पठार

Omnogobi, Mongolia: The way from Omnogobi to Ulaangom requires the crossing of a mountain, that has a plateau at the top. The delicate changing colours of the gently rolling hills along the way and the never-ending blue sky were incredibly beautiful.ओम्नोगोबी, मँगोलियाः ओम्नोगोबी से उलानगोम जाने के लिए एक पर्वत पार करना पड़ता है जिसकी चोटी प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
106

मुफ्त में करो नासा की सैर

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब मुफ्त में नासा (यूएसए) की सैर कर सकेंगे। प्रतिभावानों को सैर का अवसर तभी मिलेगा जब स्कॉलरशिप टेस्ट में गोल्ड मेडल हासिल करेंगे। कोटा की एक निजी कंपनी ने आर्थि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
75

सब्र का इम्तेहां

क्या करोगेमेरे सब्र काइम्तेहां लेकरखुशी मिलती नहीं                   कभी ग़मों को देकर ∙...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
50

trekking alone in snow at himachal ,बर्फ में अकेले पदयात्रा

trekking alone in snow at himachalरूपकुंड के बाद ये दूसरा मौका था जब बर्फ में इस तरह चलना पड रहा था ये पांच किलोमीटर का सफर मुझे इसलिये भी भारी पड रहा था क्योंकि रूपकुंड में चारो ओर खुला खुला था और दूर दूर तक का दिख...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
84

ग्वालिन ग्वाल बहे पशु अन्न निहारत कृष्ण करेज फटा-

 वृष्टि सुरेश करे जमके चमके बिजली घनघोर घटा । ग्वालिन ग्वाल बहे पशु अन्न निहारत कृष्ण करेज फटा गोबरधन्य उठा कन-अंगुलि देत दिखाय अजीब छटा । आज सँभाल रहे धरती मिल सज्जन नौ-जन हाथ बटा दूष...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
39

चन्द्रमा सा रूप मेरा : चर्चामंच - 1313

"जय माता दी" अरुन की ओर से आप सबको सादर प्रणाम. चलते हैं आप सभी के चुने हुए प्यारे लिंक्स पर.दादू सब ही गुरु किए, पसु पंखी बनराइप्रस्तुतकर्ता : कविता रावत "चन्द्रमा सा रूप मेरा"...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
42

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस मुफ्त में

माइक्रोसॉफ्ट भी अब अपने उत्पाद मुफ्त में उपलब्ध कराने लगा है ऐसे में अगर आपको माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस मुफ्त में उपयोग करने मिले वो भी ऑनलाइन यानि आप कही से भी किसी कंप्यूटर से भी अपनी ऑफिस फाइल को ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
60
Binod Ringania
67

149. थोड़ा कहा...

       इस देश में जो बात मुझे अच्छी लगती है, वह है- "अभिव्यक्ति की आजादी"! वर्ना जिस तरह की बातें मैं इण्टरनेट पर (ब्लॉग या सोशल मीडिया पर) लिखता हूँ, अगर मैं चीन का नागरिक होता, तो अब तक जेल म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
79
Binod Ringania
49

एक दिन

एक दिन बन गई उल्फत  की इक उम्दा  कहानी एक दिन  जब समंदर से  मिला  दरिया का  पानी एक दिन  रात भर   उड़ता    रहा    कैसे   सुहाने   लोक   में   आह! क्या महकी थी खिलकर रातर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
dheerendra singh bhadauriya
काव्यान्जलि
65

आधार

हम स्‍वयं को क्षमताओं के अनुमान के आधार पर आंकते है, जबकि लोग हमारी उपलब्धियों के आधार पर आंकते है। --- हेनरी वडर्सवर्थ ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
20

ऐसी हो प्रार्थना

जब कभी भीहम ईश्वर सेकरें प्रार्थनातो उसमें होउसके प्रतिहमारा आभारकि उसने दिया हमेंमानव योनि में जन्मऔर दिया हमेंअच्छा स्वास्थ्यअच्छा परिवारऔर पढ़ने-लिखनेका सुअवसरऔर भी हमकहें जो कुछधन्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
48

याद तुम्हारी आई

हाँ माँ याद तुम्हारी आई, कंठ रूँधा आँखें भर आई फिर स्मृति के घेरों में तुम मुझे बुलाने आईमैं अबोध बालक-सा सिसका सुधि बदरी बरसाई बालेपन की कथा कहानी पुनः स्मरण आईत्याग तपस्या तिरस्कार सब सहन कि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
52

Drops

5 वर्ष पूर्व
Pareevrajak
परिव्राजक
88

गुरु-चेला

एका गावी एक भोळा भक्त राहत होता.त्याने एक गुरू केला होता.एकदा गुरू म्हणाले बेटा आपण तीर्थयात्रेला जाऊ.सोबत तुझ्या पत्नीलाही घे.भक्त निघाला.वाटेत एके ठिकाणी मुक्काम पडला.गुरू म्हणाले मी झाड...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
51

हम गुलाबक फूल छी प्रभु

बाल कविता-90हम गुलाबक फूल छी प्रभुहम गुलाबक फूल छी प्रभुनिज चरणमे जगह दिअहम गुगुलक गमगम धुआँअपन आँगनमे बहऽ दिअगंगा जल सन कंचन हम छीनित निज पद रज धोअऽ दिअहम छी चानन कुमकुम सननिज भालपर सजऽ दिअहम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
28

चील-गिद्ध-कौवे

बेशक तुमने देखी नही दुनिया बेशक तुम अभी नादान हो बेशक तुम आसानी सेहो जाती हो प्रभावित अनजानों से भी बेशक तुम कर लेती हो विश्वास किसी पर भी बेशक तुम भोली हो...मासूम हो लेकिन मेरी बिटि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
anwar suhail
अनवर सुहैल का रचना संसार
87

ब्रह्मधाम तीर्थ पर न्यास की ओर से राजे का चुंदड़ी ओढ़ाकर बहुमान किया।

ब्रह्मधाम तीर्थ पर न्यास की ओर से राजे का चुंदड़ी ओढ़ाकर बहुमान किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने यात्रा के दौरान शुक्रवार को ब्रह्मधाम तीर्थ पर दर्शन पूजन कर खुशहाली की कामना की...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
54

कुण्डलिया छंद -

कुण्डलिया छंद [ इस छंद में छ: पंक्तियाँ होती हैं.प्रथम दो पंक्तियाँ (चार चरण) दोहा होती हैं. दोहे में 13-11 मात्रायें, विषम चरण के प्रारम्भ में जगण वर्जित,विषम चरणों के अंत में लघु गुरु या लघु लघु ल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
60

गुरु पूर्णिमा विशेष: ज्ञान का मार्ग है 'गुरु'

गुरु ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुदेव महेश्वर: । गुरु साक्षात्परब्रह्म तस्मैश्री गुरुवे नम: ।। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा कहते हैं। हिंदू धर्म में इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है। ध...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Journalist
मेरा संघर्ष
88


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन