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नई हलचल

आँखों में जब नमी देखता हूँ

तेरी नाजुक सी आँखों में जब नमी देखता हूँ,मैं अपने आप ही में कोई कमी देखता हूँ.तेरे लबों पर हँसी की कोई तरकीब ना हुई,कभी आसमां तो कभी जमीन देखता हूँ.थकी हुई आँखों में भी ख्वाब सुनहरे पलते हैजब भी त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
KAVYASUDHA (काव्य सुधा)
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)
44

होता नित नया सवेरा....

यदि तेरे घर के आस-पासहोता घर मेरादिख जाती इक झलक तेरीहोता नित नया सवेरापक्षीगण भी चहक-चहक करगाते गीत अनुराग भरेसंग उनके मैं भी गुनगुनातीखोकर प्यार में तेरेसूरज की प्रथम किरणों सीहोंठों पर ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kavita Rawat
KAVITA RAWAT
119

"अमर भारती पहेली-104" (श्रीमती अमर भारती)

अमर भारती साप्ताहिक पहेली-104में आप सबका स्वागत है!निम्न चित्र को पहचानकर बताइए कि यह कौन सा स्थान है और कहाँ पर स्थित है?  उत्तर देने का समय6 फरवरी, 2013, सायं 7 बजे तक!परिणाम 7 फरवरी, 2013, &n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
0

बीस साल तक छूट, कहीं यदि रेप-खरोंचे -

 सारा जग चालाक हैं, रखे पूत का ख्याल |पहली कक्षा में दिया, चुरा लिया दो साल |चुरा लिया दो साल, बहुत आगे की सोंचे |बीस साल तक छूट, कहीं यदि रेप-खरोंचे |बचे सजा से साफ़, कदाचित हो हत्यारा |लास्ट लाउडली ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
37

नेताजी सुभाष

5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
65

जवाब पत्थर का

पत्थर से गुफ्तगूपत्थर से मैंने सबब पूछा क्यों इतने कठोर हो निष्ठुर हो, निर्दय हो  खलनायकी के पर्याय हो कभी किसी के पाँव लगते हो तो ज़ख्मकभी किसी के सर लगते हो तो ज़ख्मऔर उससे भी दिल न भरे तो अं...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
109

उर्जा का अथाह सागर ....अवचेतन मन |

             दोस्तों इस टेप का प्रयोग आप अपनी उर्जा शक्ति व क्षमता बढ़ाने में कर सकते हैं |पर इससे पहले हर सपना होंगा सच - बैज्ञानिक ढंग से तैयार विजुलायिजेसन की आडियो का  पहल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
132

सुना है-------

                                                          धुंधली आंखें भी                    &...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
56

भगवान ले झेल आर टी आई

ओ ऊपर वाले तूने लोग बनायेसब के सब अपने ही जैसेजैसा तू हैपर कुछ थोड़े से लोगलेकिन तूनेमेरे जैसे फिर काहे को बनाये क्या ये हैकिसी तरहका सम्मानअब रेल भी तेरीपटरी भीतो तेरीअगर हो जाये कोईदुर्घटन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डा0 सुशील कुमार जोशी
उल्लूक टाईम्स
44

जमा जन्म-तिथि देखकर, फँसने का क्या प्रश्न-

शैतानों तानों नहीं,  कामी-कलुषित देह ।तानों से भी डर मुए,  कर नफरत ना नेह ।कर नफरत ना नेह, नहीं संदेह बकाया ।बहुत बकाया देश, किन्तु बिल लेकर आया ।छेड़-छाड़ अपमान, रेप हत्या मर-दानों ।सजा हुई है ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
43

छेड़-छाड़ अपमान, रेप हत्या मर-दानों -

नाबालिग की पार्टी, मने वहाँ पर जश्न ।जमा जन्म-तिथि देखकर, फँसने का क्या प्रश्न । फँसने का क्या प्रश्न, चलो मस्ती करते हैं ।है सरकारी छूट, नपुंसक ही डरते हैं ।पड़ो एकश: टूट, फटाफट हो जा फारिग ।चार द...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
32

No Title

रिश्ते और रेत रेत और रिश्ते दोनों आधार दोनों प्रहार आधार बने जीवन संचार सुगंधित पुष्प प्रहार बने रिसते घाव घाव रुलाते संजीवनी भीजहरीली भीहरियाली भीमरुस्थली भीरिश्ते सत्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

No Title

रिश्ते और रेत रेत और रिश्ते दोनों आधार दोनों प्रहार आधार बने जीवन संचार सुगंधित पुष्प प्रहार बने रिसते घाव घाव रुलाते संजीवनी भीजहरीली भीहरियाली भीमरुस्थली भीरिश्ते सत्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुनीता शर्मा
60

बेटी न जन्म ले यहाँ कहना ही पड़ गया .

 पैदा हुई है बेटी खबर माँ-बाप ने सुनी ,खुशियों का बवंडर पल भर में थम गया .चाहत थी बेटा आकर इस वंश को बढ़ाये ,रखवाई का ही काम उल्टा सिर पे पड़ गया .बेटा जने जो माता ये है पिता का पौरुष ,बेटी जनम का पत्थ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
39

मत मारो माँ

        माँ ,माँ,ओ मेरी माँ               तुम सुन रही हो मुझेमैं तो अभी तेरी कोख में हूँ जानती हूँ एहसास है तुझेआज मैंने सुना पापा की बातेंउन्हें बेटी नही बेटा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

मत मारो माँ

        माँ ,माँ,ओ मेरी माँ               तुम सुन रही हो मुझेमैं तो अभी तेरी कोख में हूँ जानती हूँ एहसास है तुझेआज मैंने सुना पापा की बातेंउन्हें बेटी नही बेटा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
287

staying at LPU is joyfulness experience . Today I have learned how to open a blog page  . I am on blog now....  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldip S Thakur
Kuldip S Thakur
16

बिल पास हो गया

चित्र गूगल साभार कानून मंत्री ने ,अपने केबिन मेंबैठक बुलाया है,सभी पार्टी के सरदारों कोन्योता भेजा  है।सम्बोधन में मंत्री जी नेपहले सबको यूँ आगाह किया है ,"यह संसद होंल नहीं ,मेरा केबिन  है...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kalipad
अनुभूति
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AAJ JANE KI ZID NA KARO ON HAWAIIAN GUITAR.avi

DEAR FRIENDS,NO WORDS. WE LOST OUR BEST FRIEND Mr.AKHIL SUTARIA.WE MISS YOU SIR.DOWNLOAD  FULL AUDIO MP3.http://www.4shared.com/mp3/F9lcWLTQ/RINGTONE-AAJ_JANE_KI_ZID_NA_KA.htmlDOWNLOAD RINGTONE MP3.http://www.4shared.com/mp3/F9lcWLTQ/RINGTONE-AAJ_JANE_KI_ZID_NA_KA.htmlDOWNLOAD FULL VIDEO avi.http://www.youtube.com/watch?v=rMl18OxS3dk&feature=youtu.beMARKAND DAVEAHMEDABAD-GUJARAT....  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Markand Dave
M.K.TVFilms - HINDI ARTICLES
104

कुते भौक रहे

गोरे गए अब काले लूट रहे हैतिजोरियों के ताले टूट रहे है,  मुफ़लिसी का आलम है चहुं ओर हुक्‍मरानों के पटाखे फूट रहे है, आवाज़ उठाना अब बस में नहीं शब्‍द भीतर ही कहीं टूट रहे है, ख्‍वाब की बदल डाल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
97

वही ख्याल: लीक से हटकर.....(3)

                      बलि के बकरे सा मन              सिकुड़े शरीर के साथ मेमियाता है ......... अदृश्य में कोई रस्सी खींचता जाता है घसीटते हुए बढ़ जाता है शरीर धुल देख फफकता है मन&n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
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जलनखोर कहीं का.....।

चौखट के उस पार खड़ी ख़ुशी ने फुसफुसा के कहा --------मैं तो कबसे खड़ी हूँ इंतजार में कि-कब द्वार खुले और मैं अन्दर दाखिल हूँ मगर ----!!!तुमको न आना था ......और न आये .......द्वार खोलने । तुमसे तो अच्छी वो ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
51

कौन कहता है ये इक्कीसवी सदी है..

मैं भाव नहीं हूँ ... चाह की आशा लिए फैला हुआ हाथ हूँ भीख के लिए नहीं संतुलित विनम्र हक के लिए मैं एहसान नहीं एहसान तो तुम भी नहीं पर मैंने संस्कारगत हाथ फैलाये हैं तुम्हारे जन्मजात गर्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
63

देखा हर एक शाख पे

- फ़िराक़गोरखपुरीदेखाहरएकशाखपेगुंचोकोसरनिगूँ१.जबआगईचमनपेतेरेबांकपनकीबात.जाँबाज़ियाँतोजीकेभीमुमकिनहैदोस्ती.क्योंबार-बारकरतेहोदारों-दसन२कीबात.बसइकज़रासीबातकाविस्तारहोगया.आदमन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
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उद्घाटन पर विशेष ....

आज के लिए विशेष ..... 1--सुस्वागतम 2--जलपान एवं भोज 3-मिठास 4-दिल की बातें ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
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सुस्वागतम ..

ॐ गणेशाय नमो ....छन्द पकैया छन्द पकैया छंद की अलग है शान ...'पंखुरी' के आँगन में आज आये खूब मेहमान .....स्वागत रसम ....भावनाओं के हैं रोली चावल ..मुस्कराहट का बनाया है पुष्प हार ...आप सभी अतिथि जन को ..पारुल प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
390

जलपान एवं भोज ...

हरे कृष्णा अरे अरे इधर आइये जरा ध्यान लगाकर सुनो सारे मेहमान सत्कार करने को आपका मैंने बनाये हैं छप्पन पकवान पूरी कचोडी सब्जियां रायता ...मीठे में है बादाम का हलवा अभी देखते जाइये और क्या क्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
81

मिठास ....

शायरी में इनका नहीं कोई जवाब गाते भी हैं एकदम लाजवाबस्टाइल से अपने लूटे किसी का भी चैन fb पर ही इनके हजारो हैं fan बना रहे निरंतर ये नए आयाम चंद्रशेखर वर्मा   है इनका नाम बहुत शुक्रिया सर आपने ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
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