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नई हलचल

सफलता

सिर्फ योजना बनाने से ही कार्य पूरा नहीं हो जाता, उसका ठीक ठाक क्रियान्‍वयन ही कार्य की सफलता तय करता है --- डवाइट डी आइजनहावर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
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नया सीख के आ, ना कहना कुछ नहीं बचा !

बहुत से मदारीताजिंदगी एक ही बंदर से काम चलाते हैंइसी लिये जमाने कीदौड़ में बस यूँ ही पिछड़ते चले जाते हैंमेरा मदारी भी सुना हैअब समझदारी कहीं से सीख के आ रहा हैकहते सुना मैने उसे अब मेरे नाच म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डा0 सुशील कुमार जोशी
उल्लूक टाईम्स
53

आप

5 वर्ष पूर्व
Udayvir Singh
Zindagi Phir Bhi Hai || ज़िंदगी फिर भी है
54

उर्दू बह्र पर एक बातचीत -7 बह्र-ए-कामिल

उर्दू बह्र पर एक बातचीत -7बह्र-ए-कामिल [1 1 2 1 2][Disclaimer clause : -वही -[भाग -1 का][ अब तक ’बह्र-ए-मुतक़ारिब’, बह्र-ए-मुत्दारिक, बह्र-ए-हज़ज , बह्र-ए-रमल और बह्र-ए-रजज़ ,बह्र-ए-वाफ़िर [6-बह्र] पर बातचीत कर चुका हूं और बात ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
आनन्द पाठक
उर्दू से हिंदी
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Veenapani The institute of Indian Classical Music

VeenaPani The Institute Of Indian Classical MusicThe biggest asset of Indian culture is its music. The Indian classical music is one of the richest heritage of our country. The scope of Hindustani classical music is so vast that it cannot be scaled in degrees and courses.It is meant to be learned and pursued for a lifetime. Veenapani- The institute of Indian classical music is a place where students who are keen on pursuing the art of Indian classical music ,are tutored in a way to master t...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Dr.Radhika Budhkar
आरोही
35

ख़ुशी

5 वर्ष पूर्व
Imran Ansari
जज़्बात...दिल से दिल तक
38

खरी-खरी खोटी-खरी, खरबर खबर खँगाल-

खरी-खरी खोटी-खरी, खरबर खबर खँगाल ।फरी-फरी फ़रियाँय फिर, घरी-घरी घंटाल ।घरी-घरी घंटाल, मीडिया माथा-पच्ची ।सिद्ध होय गर स्वार्थ, दबा दे ख़बरें सच्ची ।परमारथ का ढोंग, बे-हया देखे खबरी ।करें शुद्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
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गुलाबी ठण्ड ......अदरक वाली चाय

मौसम भी जैसे मुझको सताना चाहता है ...आज फिर करवट बदल ली ....सुबह से इतनी जोर से बिजली कड़क रही है ....आज फिर ठंडक महसूस हुई .....फिर से वही अदरक वाली चाय ..लेकर बैठी तो सारी गुलाबी यादें बारिश में चलचित्र ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
154

भारतीयता व राष्ट्रीयता व असहिष्णुता ....डा श्याम गुप्त ..

                                                    आजकल राष्ट्रीयता, देशप्रेम, जन से संपृक्तता  व भारतीयता एवं सहिष्णुता  का कित...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
एक ब्लॉग सबका
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निकुम्भ का इन्तजार

इस कहानी में एक बच्चे का भय,दर्द सबकुछ है क्या ज़रूरी है कि हर बच्चा एक जैसा हो 'तारे ज़मीं पर' अभिवावक,शिक्षक के लिए एक बेहतरीन फिल्म थी फिल्म देखा - समीक्षा की - भूल गए !एक विद्यार्थी की चाह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
74

मेरी पहली किताब : : उजले चांद की बेचैनी :

आदरणीय गुरुजनो  और मित्रो . नमस्कार ;आप सभी से अपनी एक खुशखबरी  शेयर करते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है .मेरी पहली किताब : जो की एक कविता संग्रह है ; अब छप  चुकी है . इसका नाम है : उजले चा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
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मेरी पहली किताब : उजले चांद की बेचैनी :

आदरणीय गुरुजनो  और मित्रो . नमस्कार ;आप सभी से अपनी एक खुशखबरी  शेयर करते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है .मेरी पहली किताब : जो की एक कविता संग्रह है ; अब छप  चुकी है . इसका नाम है : उजले चा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
कहानियो के मन से .....
65

मेरी पहली किताब : : उजले चांद की बेचैनी :

आदरणीय गुरुजनो  और मित्रो . नमस्कार ;आप सभी से अपनी एक खुशखबरी  शेयर करते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है .मेरी पहली किताब : जो की एक कविता संग्रह है ; अब छप  चुकी है . इसका नाम है : उजले चा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
कविताओं के मन से....!!!!
103

धर्म का मजाक और बेवकूफी का सार्वजनिक उत्सव... मेरा कमेंट वहाँ पर !

...एक पोस्ट है यहाँ पर...http://www.bharatyogi.net/2013/02/blog-post.htmlXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX महाकुंभ में इन दिनों एक पत्थर पूरे मेलें में सुर्खियां बटोर रहा है। इस अद्भुत पत्थर पर प्रभु राम का नाम भी लिखा गया है। अदभुत शेय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्रवीण शाह
24
Copy & Pest
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बेदिनी में बर्फबारी , snowfall at bedini bugyal

अरे ये क्या ? दिन के एक बजे और धूप गायब अचानक से बर्फ पडनी शुरू हो गयी । कोई नोटिस नही कोई अनाउंसमैंट नही । ये कैसा मौसम है राम जी आपने बनाया इस लेख को आगे पढने के लिये यहां क्लिक करें...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

बेदिनी में बर्फबारी , snowfall at bedini bugyal

अरे ये क्या ? दिन के एक बजे और धूप गायब अचानक से बर्फ पडनी शुरू हो गयी । कोई नोटिस नही कोई अनाउंसमैंट नही । ये कैसा मौसम है राम जी आपने बनाया इस लेख को आगे पढने के लिये यहां क्लिक करें...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
94

वो तन्हा सर्द रातें...

तन्हा सर्द रातें,बस कटती हैंयूँ ही कर कर के खुद से ही बातें।वो कहती है के तुम मुझको क्यों याद नहीं करते ?पर कैसे बताऊँ अब उसे मैं के वो कौन सा पल है जब खुद से उसकी बात नहीं करते ...वो रूठ गई ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Mahesh Barmate
माही....
100

नारी महज एक शरीर नहीं

 महिला सशक्तिकरण का दौर चल रहा है .महिलाएं सशक्त हो रही हैं .सभी क्षेत्रों में महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं .२०१२ की शुरुआत ज्योतिषियों के आकलन ''शुक्र ग्रह का प्रभुत्व रहेगा ''फलस्वरूप महि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION
45

अनदेखी मंजिल

बढ़ते क़दमों को रोकने के प्रयास मेंगिरती उठती वोकब तक संभाल पायेगीहाथों से गिरते पलों को आस में बंधे खाबों को कैसे सहेज पाएगीआँखों से गिरतीउम्मीदों को धूल में उड़ती यादों को ये रास्ता ‘अनदे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
बावरा मन
42

अनुराग के प्रयासों से पूरा हुआ धर्मशाला स्टेडियम का सपना

अनुराग ठाकुर 27 जनवरी 2013 आखिर एक ऐतिहासिक दिन बन ही गया। यह हिमाचल के एक मात्र अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की सूचि में आ गया। भारत और इंग्लैंड के बीच हुए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच ने इस ऐतिहासि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्रकाश बादल
प्रकाश बादल
119

तुम

मेरे मन में तुम से हट के और नहीं कुछ आए । बाहर  क्यों  मन जाए, उर में तुम्ही समाए ॥ रोम- रोम में रमे हुए हो, काया सकल तुम्हारी । तेरी  सत्ता  से जीवन है, मैं साया सहचारी ॥ शाश्वत जग का, भ्र...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Udayvir Singh
Zindagi Phir Bhi Hai || ज़िंदगी फिर भी है
41

नदी से बनो

पहले सदासोचो, परखो, तोलोतो कुछ बोलो        ***नदीसे बनोऔरों के काम आओऊँचे से बहो      ***वाणीहो मीठीबनो सबके प्रियजैसे कोयल        ***...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
49

प्रसिद्ध व्यक्ति से एक अनपेक्षित बातचीत

‘हलो! आगे कहां निकले जा रहे हो?’‘कमाल है! जहां मुझे जाना था वहीं जा रहा हूं।’‘हाथ क्यों हिलाया था मुझे देखकर ?’‘किसने हिलाया? चलते वक्त मेरा सारा ध्यान तो अपने शरीर का संतुलन बनाने में ही लगा रह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sanjay Grover संजय ग्रोवर
सरल की डायरी Saral ki Diary
45

review of hindi novel pehchan

reviw of hindi novel pehchan published by rajkamal prakashan review by Zahid Khan ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
anwar suhail
अनवर सुहैल का रचना संसार
55

रचनाकार: मनोज कुमार का आलेख - इलेक्ट्रॉनिक माध्यम या मुद्रित माध्यमों का व्यवसायीकरण

रचनाकार: मनोज कुमार का आलेख - इलेक्ट्रॉनिक माध्यम या मुद्रित माध्यमों का व्यवसायीकरण...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
57

Download Free MP3 Songs

आज यहाँ पर मैं आपको MP3 गानों को सुनने और डाउनलोड करने के बहुत सारे  लिंक्स दे रहा हूँ। आशा है ये लिंक्स आप सब के लिए उपयोगी साबित होगी। वेबसाइट लिंक पर क्लिक कीजिये और पहुँच जाइये अपने मनपसन्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0


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