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दोहे "क्या होता है प्यार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

छिपा हुआ है प्यार में, जीवन का विज्ञान।प्यार और मनुहार से, गुरू बाँटता ज्ञान।।बन जाते हैं प्यार से, सारे बिगड़े काम।प्यार और अनुराग तो, होता ललित-ललाम।।दुनियाभर में प्यार की, बड़ी अनोखी रीत।...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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दोहे "राधे का अरमान" (राधातिवारी "राधेगोपाल")

साड़ी सुन्दर दीजिए ,पत्नी को उपहार।बदले में उससे मिले, उनका प्यार अपार।।खीरे मूली आ गए, करने बहुत धमाल।सबजी में सबसे अधिक, बिकें टमाटर लाल।।माना आलू प्याज से,भरा हुआ बाजार।लेकिन कच्चे आम का, ख...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
राधे गोपाल
राधे का संसार
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हरिद्वार में ट्रैफिक की समस्या पर केंद्र और राज्य सरकार को बहुत ही ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है

हरेश कुमार17 -06-2018ग्राउंड िरपोर्टहरिद्वार बस स्टैंडहरिद्वार से दिल्ली के लिए बस सेवा बुरी तरह चरमराई है। हालात यहां तक हैं कि 10बजे से लोग परेशान हैं। घंटों देरी से बसें आ रही हैं और लोग हैं कि ...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Haresh
Information2media
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अपना शहर मगरुवा 18-6-18

अपना शहर मगरुवाका हो बच्चा ( अध्यक्ष जी ) पोकनी भैइस के जनतादल ( महिला ) केजिलाअध्यक्ष बना देहला !लखनऊ प्रवास से कल लौटा आज सोचा कि जरा टहल आते है अपनी मोपेड उठाकर कालीनगंज के रास्ते बढ़ रहा था अचा...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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स्त्रियों की सबसे बड़ी समस्‍या

स्त्रियों की  सबसे  बड़ी  समस्‍याजब बहू  बनती  हैं  तब  सास  अच्‍छी नहीं  मिलती,जब सास  बनती हैं तब बहू अच्‍छी नहीं मिलती,जब देवरानी बनती हैं तब जेठानी अच्‍छी नहीं मिलती,और जब जे...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
GAJENDRA PRATAP SINGH
सरोकार की मीडिया
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उत्तम दोहे

रस्सी जैसी जिंदगी, तने तने हालात |एक सिरे पे ख्वाहिशें, दूजे पे औकात ||पहली कक्षा से सुना, बैठो तुम चुपचाप।यही आज भी सुन रहा, शादी है या शाप।।रहा तरस छह साल से, लगे निराशा हाथ |दिखी आज आशा मगर, दो बच्...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
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तक़दीर

अब इन स्याह रातों से मुँह मोड़ना कैसा ये तो तकदीर है मेरी जिंदगी की जो चलेगी उम्र भर यूं ही साथ मेरे कभी तड़पेगी कभी तरसेगी सुनहरी धूप की खातिरपर जानती हूँ मैं,  इन स्याह रातों का कोई सव...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Saliha Mansoori
ख़ामोशी
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बदचलन...हरिशंकर परसाई

एक बाड़ा था। बाड़े में तेरह किराएदार रहते थे। मकान मालिक चौधरी साहब पास ही एक बँगले में रहते थे।एक नए किराएदार आए। वे डिप्टी कलेक्टर थे। उनके आते ही उनका इतिहास भी मुहल्ले में आ गया था। वे ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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1067....हम-क़दम के तेईसवाँ अंक

सीप एक समुद्री जीव होता है जिसका शरीर दो पार्श्व,कठोर कपाटों से बंद रहता है और जो मध्य पृष्ठ पर एक दूसरे से जुड़े रहते है।समुद्री जीव "सीप"एकमात्र ऐसा प्राणी है जो अपने शरीर को कष्ट देने वाले ह...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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मित्र मंडली -74

#corner-to-corner { height:100%; border:10px SOLID Green ; padding:20px ; background: #F8ECC2 ; मित्रों , "मित्र मंडली"का  चौहत्तर वाँ अंक का पोस्ट प्रस्तुत है।इस पोस्ट में मेरे ब्लॉग के फॉलोवर्स/अनुसरणकर्ताओं के हिंदी पोस्ट की लिंक के साथ उ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
राकेश श्रीवास्तव
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अब्बा, पिता

      पिताओं के दिवस को मनाने के उपलक्ष्य में दिए जाने वाले एक कार्ड पर कार्टून बना हुआ था – एक पिता अपने एक हाथ से अपने आगे घास काटने की मशीन को धक्का दे रहा था, तथा साथ ही दूसरे हाथ से अपने...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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VISHAL AGRAWAL - KHUSHBU AGRAWAL - वैश्य गौरव

sabhar: dainik bhaskar ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Praveen Gupta
हमारा वैश्य समाज - HAMARA VAISHYA SAMAJ
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*जो मांगू वो दे दिया कर ए जिंदगी...!!**तू कभी तो मेरे पापा जैसी बन.*...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Upendra Gughane
hindisahityamanjari
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‘उलूक’ तू दो हजार में उन्नीस जोड़ या इक्कीस घटा तेरी बकवास करने की आदत का सरकार पेटेंट कराने फिर भी नहीं जा रही है

झंडों को हो रही इधर की बैचेनी कुछ कुछ समझ में आ रही है शहर में आज एक नयी भीड़ एक नये रंग के एक नये झंडे के नीचे एक नया झंडा गीत गा रही है पुराने झंडों के आशीर्वादों से भर चुके झंडा बरदारों को नींद ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
डा0 सुशील कुमार जोशी
उल्लूक टाईम्स
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राहुल गांधी, नाम मे क्या रखा है ?

राहुल गांधी,नाम मे क्या रखा है ?शेक्सपीयरने कहा था "नाम मे क्या रखा है"मगर यहाँ तो नाम मे ही सबकुछ रखा है और नाम ही काफी है किसीके चहेरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए , जी हाँ भारत मे एक नाम ऐसा है जिसक...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Tulsibhai patel
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ये खास बात है आपमें तो आप बन सकती हैं मिस इंडिया | Miss India beauty contest

फ्रेंड्स, मॉडलिंग की दुनिया में शिखर पर पहुँचने का स्ट्रगल करने वालों के लिए ब्यूटी पेजेंट्स जैसे मिस इंडिया, या मिस वर्ल्ड जैसे टाइटल जीतना एक सपने की तरह होता है। मॉडलिंग और ब्यूटी कांटेस्...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
shweta
offbeat news
3

Fathers Day पर पढ़िए अज्ञेय की कविता – चाय पीते हुए

कभी अज्ञेय ने कहा था- कि …चाय पीते हुएहर साल जून के तीसरे रविवार को पूरी दुनिया में फादर्स डे मनाया जाता है। इस साल यह दिन 17 जून को सेलिब्रेट किया जा रहा है। पिछले साल 18 जून को फादर्स डे के रूप में ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Alaknanda singh
अब छोड़ो भी
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Hindishayariclub

पहली बारिश
पहली बारिश
3 दिन पूर्व
Hindishayariclub
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मौसम की पहली बारिश



फिर याद आ रहे हो तुम

मौसम की पहली बारिश में

http://www.hindishayariclub.com/mousam-ki-pahali-barish/
...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Hindishayariclub
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शुजात बुखारी की हत्या के मायने

राइजिंग कश्मीर के सम्पादक शुजात बुखारी की हत्या,जिस रोज हुई, उसी रोज सेना के एक जवान औरंगजेब खान की हत्या की खबर भी आई थी। इसके दो-तीन दिन पहले से कश्मीर में अचानक हिंसा का सिलसिला तेज हो गया था...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
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काशी के हेमन्त दा - जन्मदिन पर 17-6-18

काशी के हेमन्त दा - जन्मदिन पर''कही दीप जले कही दिल - जरा देख ले आकर परवाने ,ऋतूराज हेमन्त भारतीय नये वर्ष की शुरुआत हेमन्त अपने आप में निराला - मनमोहक - अल्हड खुशनुमा अन्दाज- प्रकृति का अदभुत सौन्...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
2

थलचर प्राणी

नभचर,जलचर,जब खेमों में नहीं बंटे हैं,थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं  ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Dr. Harimohan Gupt
Dr. Hari Mohan Gupt
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दो पग साथ चले

दो पग पथ पर तुम क्या मेरे साथ चले......ख्वाब हजारों आकर मुझसे मिले,जागी आँखों में अब रात ढ़ले,संग तारों की बारात चले,सपनों में अब मन को आराम मिले!दो पग पथ पर तुम क्या मेरे साथ चले......कब दिन बीते जाने क...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
पुरूषोत्तम कुमार सिन्हा
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हम, हम में थे..

तुम जब-जब दो पग मेरे स॔ग थे...हम, हम में थे....हम! तुझ में ही खोए हम थे,जुदा न खुद से हम थे,तुम संग थे,तेरे पग की आहट मे थे,कुछ राहत मे थे,कुछ संशय में हम थे!कहीं तुम और किसी के तो न थे?तुम कहते थे....हम! बस सुन...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
पुरूषोत्तम कुमार सिन्हा
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"झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई की 160वीं पुण्यतिथि पर विशेष"

अमर वीरांगना झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई की160वीं पुण्यतिथि पर उन्हें अपने श्रद्धासुमन समर्पित करते हुएश्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान कीयह अमर कविता सम्पूर्णरूप में प्रस्तुत कर रहा हू...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
2

प्रशासन में नए जोश का संचार कैसे?

अस्सी के दशक में जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे, उन्हें एक रोज एक अपरिचित व्यक्ति का पत्र मिला. वह व्यक्ति अमेरिका की किसी संस्था में वैज्ञानिक था और उसके पास भारत के आधुनिकीकरण की एक य...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
2

"पूज्य पिता जी आपका, वन्दन शत्-शत् बार"

पूज्य पिता जी आपका, वन्दन शत्-शत् बार।बिना आपके है नहीं, जीवन का आधार।।--बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझकर अब मुझे, करने हैं सब काज।।--जब तक मेरे शीश पर, रहा आपका हाथ।लेकिन अब आ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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दोहे "कैसे होंगे पार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

बहुत पुरानी है विधा, दोहों की श्रीमान।दोहों में ही निहित है, दुनिया भर का ज्ञान।।नदिया की धारा प्रबल, कैसे होंगे पार। नौका की मझधार में, टूट गयी पतवार।।जब से मैली हो गयी, गंगा जी की धार। छल-...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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1066....पिताजी आइये, आपको याद करते है, आज आप का ही दिन है

सादर अभिवादन..कल ईद हो गई...अभी सप्ताह भर गहमा-गहमी रहेगीज़ाफरानी पुलाव और मीठी सेॆवई कीमीठा उत्सव है ईद-उल-फितरसभी को शुभकामनाएँ ईद की...आईए चलते हैं आज सी पसंदीदा रचनाओं की ओर....सर्वप्रथम आज पि...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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