palash "पलाश" की पोस्ट्स

प्यार मोहब्बत बदल गया

जाने कब कैसे बदलेअपने, रिश्तेदारों मेंप्यार मोहब्बत बदल गयादेखो कैसे व्यवहारों मेंछोटी छोटी बातों परजिनसे कल तक लडते थेमार पीट झगडे करके भीसंग घूमते खाते खेलते थेजीवन चक्र कुछ यूं घूमाहम आ...  और पढ़ें
1 दिन पूर्व
palash "पलाश"
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अंतिम विदा

सोचा न था कभी मैनेहोगा कष्टकारी इतना सबसे अंतिम विदा लेनासबसे दूर चले जानाअब जब जाने की वेला मेंबस दो क्षण ही शेष रहेजीवन के अनगिनत पलआंखों में मेरी तैर रहेकितनी आसानी से कह देता थाअब और नही ज...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
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अजनबी हूं

पल दो पल के लिये आया हूं, तेरे शहर में यारोंकुछ ऐसा बोकर जाऊंगा, तुम्हे याद बहुत आऊंगा कई चेरहे कुछ फीके, कुछ उदास नजर आते हैमुस्कुरा सके दो पल, ऐसी बात दे कर जाऊंगामाना अजनबी हूं अभी, मगर यकीं है ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
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तैयारी

सुबह उठने के साथकरने लगती हूं तैयारीघर छोडने कीहाथ मुंह धुलते धुलतेवही उतार कर रख देते हूंमन की थकनजो नही मिटी सो कर भीबैग पैक करते करतेपैक कर देती हूंरात बीती सारी बातेंतकिये के नीचे धीरे स...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
3

हो जाये तो अच्छा

न हँसनेकादिलन रोने का मनकुछ गुमसुम सीगुजर जाये तो अच्छान दोस्ती का नाता न बैर का रिश्ताकुछ अजनबी हीरह जायें तो अच्छान गर्म दोपहरन स्याह रातकुछ ठंडी शामे भीमिल जाये तो अच्छान जीने की तमन्नान ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
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ये वही लड़की है………………

तीन साल की मेहनत, माँ पिता जी के आशीर्वाद और ईश्वर की अनुकम्पा से आज राधिका ने यू. पी. पी. सी. एस. में फर्स्ट रैंक हासिल की। कल तक उसे मोहल्ले के जो लोग पढाकू, घमंडी और न जाने क्या क्या कहते थे, आज अखब...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
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रात, नींद और ख्वाब

हर रोज की तरह आज भी शाम ढलते हीरात आयी धीरे धीरेअपनी मुट्ठी बन्द कियेबडी बेसब्री से मिली उससेकुछ न सूझाबस गले लगा लिया फिर धीरे से पास जाकर कान में पूछा क्या लाई होआज मेरे लिए नींद य...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
palash "पलाश"
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हर दोपाया आदम नही

नही कहा जा सकताहर हाड़ मांस वालेदो हाथो और दो पाये वाले कोइंसानऔर भी बहुत कुछ  चाहियेदो हाथों दो पैरोंपांच इन्द्रियोंऔर शेष वो सबजिससे मिल कर बन...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
palash "पलाश"
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पलाश का पत्र- पाठ्कों केलिये

आप सभी के साथ अपनी खुशी बाँटते हुये और भी खुशी का अनुभव कर रही हूँपलाश आज एक छोटे ही सही किन्तु मुकाम पर पहुच गया, आज अगर उसकी पेज दॄश्य संख्या ६ अंको को और टिपणियों की संख्या ४ अंकों को छू सकी तो ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
palash "पलाश"
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जिन्दगी - A easiest thing

दुनिया का सबसे आसान काम जानते हैं क्या हैजिन्दगी जीनाआप सोचने लगे नकि गलत कह रही हूँकहाँ आसान है जिन्द्गी जीनाये परेशानियां खत्म होंतब तो जिये कोई जिन्दगीकभी ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
palash "पलाश"
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स्त्री हूँ थोडा सा प्यार चाहिये

ना हार चाहिये ना गुलाब चाहियेस्त्री हूँ थोडा सा प्यार चाहियेजाने कब से तडप रही हूँबिन पानी के मछली सीअपने ही घर में सदा रहीअमानत किसी पराये कीना घर चाहिये ना दुआर चाहियेस्त्री हूँ थोडा सा दु...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
palash "पलाश"
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कुछ दीवारें

कुछदीवारेजबउठतीहैंतोबनतेहैघरमगरहोतीहैकुछऐसीभीदीवारेजोबनादेतीहैघरकोमकानजिनकेखिचनेसेआजातीहैदराररिश्तोंमेंकहनेको घरकेबाहरलगीतख्तीहोतीहैपहचानघरकीमगरहरकमरेपरलगीअनदिखीतख्त...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
palash "पलाश"
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सबक

अच्छे कॉलेज में एडमीशन लेना जितना मुश्किल है उससे भी कही ज्यादा मुश्किल होता है वहाँ पर सर्वाइव करना, एक एक नम्बर पाने के लिये दिन रात एक करने पढते है। जब एडमीशन की तैयारी के लिये कोचिंग कर रही ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
palash "पलाश"
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मुझसे मुहब्बत करने से पहले

मुझसे मुहब्बत करने से पहलेसुन लो मेरी दास्तापढ लो वो सारे पन्नेजिनमें बसे हैं कुछ महके पलकुछ बेबस आंसूंहाँ, खबर है मुझेकि कई महीनों से बन कर सायारहते हो मेरे आस पासकरते हो कोशिश मुझे जानने की ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
palash "पलाश"
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पैकिंग

सुनो, अपना सामान बाँध लोआया हूँ मैं, तुम्हे लेने बस रख लो अपनी जरूरी चीजें बाकी मिलता तो है सब कुछ तो वहाँएक बात बताऊंयहाँ से बहुत कई गुना अच्छी जगह हैअच्छा ये बताओकही जाने में तुमको ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
palash "पलाश"
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नवजीवन

बैठता हूँ तो घर पुराना याद हमको आ रहा हैंअहसास हो रहा कि बुढापा पास मेरे आ रहा है भीड भाड से भर गया मन, हुयी दावतों से बेरुखीयाद कर भूली बिसरी बातें, छा रही मन में खुशीशरारते बच्चो सी करने को, दि...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
palash "पलाश"
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निगाहें

हमे जिसने भी देखा, अपनी निगाह से देखामेरी निगाह से मुझे न किसी निगाह ने देखाये शिकायत सिर्फ मेरी नही, हर निगाह की हैपढकर कई निगाहों को मेरी निगाह ने देखाजुदा नही आरजू इन निगाहो की तेरी निगाहों ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
palash "पलाश"
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जिन्दगी वादा है तुमसे नये वर्ष का

जिन्दगीवादा है तुमसे,इस वर्षनही दूंगी तेरी आंखों में आंसूनही सिसकेगी तू चुपके चुपके रात में तकिये के नीचेनही मरेगी तिल तिलकिसी अत्याचारी के हाथनही होने दूंगी उदास किसी वीरान कोने में चुपचा...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
palash "पलाश"
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अपने अपने कर्म या अपने अपने भाग्य

कॉलेज की सीढियां उतर रही थी, मेरे नीचे की सीढियों पर दो गर्भवती स्त्रियां थी- एक मेरे साथ की ही अध्यापिका थीं और दूसरी थी कॉलेज में काम करने वाली एक मजदूर औरत। एक सम्भल सम्भल कर उतर रही थी, तो दूस...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
palash "पलाश"
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कागज की टीस

लैपटाप पर करते करते कामएकदिन अचानकआया मुझे याद  लिखना कागज पर बैठ गया लेकरअपना फेवरेटपुराना लेटर पैड और बॉलपेन जिसके पीले पन्ने दे रहे थे गवाहीमेरे और उसके रिश्ते की उम्र कीलिखना...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
palash "पलाश"
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मै और मेरा वक्त

देखा है वक्त को सावन सा बरसतेकभी बूँद बूँद रिसते हुयेदेखा हैवक्त को बच्चे सा भागतेकभी हांफते कदमों से रेंगते हुयेदेखा है वक्त कोरेत सा फिसलतेकभी बर्फ सा पिघलते हुयेदेखा है वक्त कोनॄतकी ...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
palash "पलाश"
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उफ ये बडे आदमी

सुना थाबहुत बडे आदमी थे तुमफिर क्यों फर्क पढ गया तुम्हेगर मुझ जैसे छोटे से व्यक्ति नेनही किया सलाम तुम्हे झुक करक्यों रात भेज अपने चार आदमीबुलवा कर अपनी कोठीझुका कर अपने पैरोंतुम्हे बताना प...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
palash "पलाश"
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एक सुबह ऐसी भी…….

नींद हल्की हल्की सी खुली थी, घडी का पहला अलार्म बजा था, अलार्म बन्द करके सो गयी सोचा आज तो इतवार है, और इतवार का तो मतलब ही है देर से उठना। अभी दुबारा ठीक से सो भी नही पायी थी कि फोन की घंटी बजी- ध्या...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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आई एम सॉरी

लकड़ी से सहारेभीड़ भरी फुटपाथहीन सडक परकिनारे किनारे धीरे धीरे चलतेवृद्ध सेटकराता है एक सत्रह अठारह साल कामोबाइल पर वयस्त मार्ड्न युवकसडक के कुछ बीचजा गिरती है लाठी बिखर जाती हैदूसरे हाथ म...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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रंगे सियार

भरोसाउठनेसालगाजमानेमेंलोगोंसेजिससेभीदोबातकीवोबेअदबहोनेलगानरखसकालिहाजउम्रकायाओहदेकामददकीआडमेंवोबेशरम होनेलगानकाब ओढ़ा तो बहुतसलीकों, तहजीबों काकरगुजारियों से अपनीबेनकाब होन...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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रिक्शेवाली की बेटी

वसुधा जब से स्कूल से आयी, बस रोये जा रही थी। तुलसी ने उसको चुप कराने की सारी कोशिश करके देख ली, मगर वसुधा का रोना ही नही बन्द हो रहा था। तभी तुलसी को याद आया कि वसुधा पिछले एक हफ्ते से चाकलेट की जिद...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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तुम्हे लिखना है मुझे

कुछ पन्ने जिन्दगी के, आजपलटने हैं मुझेबीते तन्हा कल में भी , तुम्हे, लिखना है मुझेरुकूंगीउनमोडोंपर, जहाँदर्दसेतडपेथेहरजख्मकामरहम, तुम्हे,लिखनाहैमुझेकुछ पन्ने&n...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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जिन्दगी, तब जिन्दगी बनती है

जिन्दगी, जिन्दगी तब नही बनतीजब आई आई टी या आई आई एम मेंसेलक्सन हो जाता है जिन्दगी जिन्दगीतब भी नही बनती जब कोई आई ई एस अफसर बन जाता हैजिन्दगीजिन्दगी तो तब भी नही बनतीजब कोई देश विदेश घूम आता हैज...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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प्रथम प्रश्न

सबसे पहला सवालजो पूछ बैठते हैंकई बार घर के सदस्यया कोई रिश्तेदारअबोध बच्चे सेकौन है तुम्हे प्यारा सबसे ज्यादा तुम मम्मी को करते होज्यादा प्यार या पापा है तुमको सबसे प्यारेकितना ...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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तुम्हारा एक शब्द............

तुम्हाराएकशब्दपर्याप्तहैजगानेकोखोया आत्मविश्वासतुम्हाराएकशब्दकाफीहैखोदेनेकोसाराविश्वासतुम्हारा एक शब्दखुशियों काअन्नत भंडार तुम्हारा एक शब्द कष्ट काअन्तहीन संसार तुम्हारा ए...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
palash "पलाश"
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