लोकेश नदीश
किल्लोल की पोस्ट्स

लौट गई तन्हाई भी

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); दिल की उम्मीदों को सीने में छिपाए रक्खाइन चिरागों को हवाओं से बचाए रक्खाहमसे मायूस होके लौट गई तन्हाई भीहमने खुद को तेरी यादों में डुबाए रक्खातिरे ख़्याल ने दिन-रात मुझे ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
किल्लोल
4

ख्वाब की तरह से

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ख्वाब की तरह से आँखों में छिपाए रखनाहमको दुनिया की निगाहों से बचाए रखनाबिखर न जाऊं कहीं टूटकर आंसू की तरहमेरे वजूद को पलकों पे उठाए रखनाआज है ग़म तो यक़ीनन ख़ुशी भी आए...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
5

चाँदनी की तरह

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-8930566477748938", enable_page_level_ads: true }); प्यार हमने किया ज़िन्दगी की तरहआप हरदम मिले अजनबी की तरहमैं भी इंसां हूँ, इंसान हैं आप भीफिर मिलते क्यों नहीं आदमी की तरहमेरे सीने में भी इक ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
7

फेफड़ों को खुली हवा न मिली

फेफड़ों को खुली हवा न मिलीन मिली आपसे वफ़ा न मिलीदुश्मनी ढूँढ़-ढूंढ़ कर हारीदोस्ती है जो लापता न मिलीवक़्त पे छोड़ दिया है सब कुछदर्दे-दिल की कोई दवा न मिली (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हर किसी हाथ में मिला ख...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
2

मिला जो शख़्स

बिछड़ते वक़्त तेरे अश्क़ का हर इक क़तरालिपट के रास्ते से मेरे तरबतर निकलाखुशी से दर्द की आँखों में आ गए आंसूमिला जो शख़्स वो ख़्वाबों का हमसफ़र निकलारोज दाने बिखेरता है जो परिंदों कोउसके तहख़ाने से क...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
8

ज़िन्दगी की किताब के पन्ने

आँखों में फिर चमकने लगे हैं यादों के कुछ लम्हेंगूंजने लगी हैं कान में वो तमाम बातें जो कभी हमने की ही नहीं नज़र आई कुछ तस्वीरें जो वक़्त ने खींच ली होगी और तुम्हारा ही नाम पढ़ रह...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
7

अमरबेल की तरह

दिल के शज़र कीइक शाख़ पेइक रोज़रख दिया था बेचैनी नेतेरी याद काइक टुकड़ाऔर आज़दिल के शजर कीकोई शाख़ नहीं दिखतीतेरी याद ने ढ़ाँक लिया हैअमरबेल की तरहअब वहाँदिल नहीं हैसिर्फ तेरी याद है...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
7

एहसास की डोलची

दिल के कमरे में अबवीरानी पसर चुकी हैख़्वाबों की अलमारीकब से पड़ी है खालीउम्मीदों की तस्वीरों नेखो दिए हैं रंग अपनेआस की खिड़की भीअब कभी नहीं खुलतीअश्क़ों की नमी से ऊग आई हैएक कोने में यादों की का...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
5

इक तेरे जाने के बाद

हर शाम ग़मगीं सीहर सुबह उनींदी सीहर ख़्याल खोया साइक तेरे जाने के बादहर वक़्त बिखरा साहर अश्क़ दहका साएहसास भिगोया साइक तेरे जाने के बादहर दर्द महका साहर वक़्त तन्हा साहर ख़्वाब रोया साइक तेरे जान...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
5

शब्द बिखर जाते हैं

अक्सर शब्द बिखर जाते हैंकोशिश बहुत करता हूँ, किशब्दों को समेट करकोई कविता लिखूंपर ये हो नहीं पाताकोशिश बहुत करता हूँ किएहसास समेट कर रखूंपर ये हो नहीं पातातकिये पर बिखरे अश्क़ों की तरहअक्सर ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
9

शायद तुम नहीं जानती

शायद तुम नहीं जानतीमैंने रोक रक्खा है पलकों के भीतरआंसुओं के समंदर में उठने वाले ज्वार कोबनाकर यादों का तटबंधकुछ लहरें फिर भीतोड़ देती हैं तटबंधऔर तन्हाई के साहिल पेछोड़ जाती हैं नमक के किर...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
4

ज़िन्दगी मुस्कुरा दी

साँसों ने चाहा ओ'दिल ने दुआ दीमिला साथ तेरा ज़िन्दगी मुस्कुरा दीसोचा था भुलाऊंगा यादों को तेरीमगर याद ने सारी दुनिया भुला दीग़ज़ब कर दिया मेरे एहसास ने भीमुहब्बत को तन्हाइयों की सज़ा दीवही कह रह...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
8

सौग़ात हो गई

पल भर तुमसे बात हो गईख़ुशियों की सौग़ात हो गईदुश्मन है इन्सां का इन्सांकैसी उसकी जात हो गईआँखों में है एक कहकशांअश्कों की बारात हो गईवक़्त, वक़्त ने दिया ही नहींबातें  अकस्मात  हो  गईजख़...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
6

सोया हुआ ज्वालामुखी

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हलचल सी मची हैउम्मीदों की बस्ती मेंगिरने लगे हैंतमन्ना के झुलसे हुये शजर कुछ ही देर में ढाँक लेगाअहसास के आसमां कोपिघले हुये ख़्वाबों कालावा और गुबारक्योंकि आँखों ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
10

न सोई आँखें

ख़्वाब जिसके तमाम उम्र संजोई आँखेंउसकी यादों ने आंसुओं से भिगोई आँखेंतेरे ख़्वाबों की हर एक वादा खिलाफी की कसममुद्दतें हो गई है फिर भी न सोई आँखें (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); जिक्र छेड़ो न अभी यार तुम ज...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
5

लम्हा-ए-विसाल था

शबे-वस्ल तेरी हया का कमाल था सुबह देखा तो आसमां भी लाल था  (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});  कटे हैं यूँ हर पल ज़िन्दगी के अपने नफ़स नफ़स में वो कितना बवाल था  जवाब देते अहले-जहां को, तो क्या तुझी से बा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
6

प्यार आपका मिले

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); गुलों की राह के कांटे सभी खफ़ा मिलेमुहब्बत में वफ़ा की ऐसी न सज़ा मिलेअश्क़ तो उसकी यादों के क़रीब होते हैंतिश्नगी ले चल जहाँ कोई मैक़दा मिलेकहूँ कैसे मैं कि इस शहर-ए-वफ़ा में मुझ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
10

अधिकार याद रहे कर्तव्य भूल गए

15 अगस्त को भारत वर्ष में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। हर्ष इस बात का कि इस दिन हमें आजादी मिली और धूम इस बात की कि अब हम पूरी स्वतत्रंता से अपनी मनमानी कर सकते है...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
11

महके है तेरी याद से

तूफ़ान में   कश्ती  को उतारा नहीं होताउल्फ़त का अगर तेरी किनारा नहीं होताये सोचता हूँ, कैसे गुजरती ये ज़िन्दगीदर्दों का जो है, गर वो सहारा नहीं होतामेरी किसी भी रात की आती नहीं सुबहख़्वाबों को अ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
8

जिंदगी की तरह

प्यार हमने किया जिंदगी की तरहआप हरदम मिले अजनबी की तरहमैं भी इन्सां हूँ, इन्सान हैं आप भीफिर क्यों मिलते नहीं आदमी की तरहमेरे सीने में भी इक धड़कता है दिलप्यार यूँ न करें दिल्लगी की तरहदोस्त बन...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
14

मौसम दिखाई देता है

कितना ग़मगीन ये आलम दिखाई देता हैहर जगह दर्द का मौसम दिखाई देता हैदिल को आदत सी हो गई है ख़लिश की जैसेअब तो हर खार भी मरहम दिखाई देता हैतमाम रात रो रहा था चाँद भी तन्हाज़मीं का पैरहन ये नम दिखाई देत...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
10

कहकशां बनाते हैं

पोशीदा बातों को सुर्खियां बनाते हैंलोग कैसी-कैसी ये कहानियां बनाते हैंजिनमें मेरे ख़्वाबों का नूर जगमगाता हैवो मेरे आंसू इक कहकशां बनाते हैंफासला नहीं रक्खा जब बनाने वाले नेक्यों ये दूरिया...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
17

छांव बेच आया है-क़तआत

चला शहर को तो वो गांव बेच आया हैअजब मुसाफ़िर है जो पांव बेच आया हैमकां बना लिया माँ-बाप से अलग उसनेशजर ख़रीद लिया छांव बेच आया है-तेरे ही साथ को सांसों का साथ कहता हूँतुझी को मैं, तुझी को कायनात कहत...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
14

जुगनू से बिखर जाते हैं

जब भी यादों में सितमगर की उतर जाते हैं काफ़िले दर्द के इस दिल से गुज़र जाते हैंतुम्हारे नाम की हर शै है अमानत मेरी अश्क़ पलकों में ही आकर के ठहर जाते हैंकिसी भी काम के नहीं ये आईने अब तोअक्स ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
8

वफ़ा की आँच

जलते हैं दिल के ज़ख्म ये पाके दवा की आँचहोंठों को है जलाती मेरे अब दुआ की आँच अश्क़ों के शरारे समेट कर तमाम रोजख़्वाबों को जगाये है मेरे क्यूं मिज़ा की आंचसोचा था ख्यालों से मिलेगा तेरे सुकून ल...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
10

बेकल बेबस तन्हा मौसम

बिखरी शाम सिसकता मौसमबेकल बेबस तन्हा मौसमतन्हाई को समझ रहा हैलेकर चाँद खिसकता मौसमशब के आंसू चुनने आयालेकर धूप सुनहरा मौसमचाँद चौदहवीं का हो छत परफिर देखो मचलता मौसमजुल्फ चांदनी की बिखराक...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
6

देश कहाँ है

इन दिनों देश में एक विचित्र सा वातावरण निर्मित हो गया है। लोगों और समुदायों का आपसी विरोध, देश विरोध तक जा पहुंचा है। इससे न देश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सात समंदर पार भी देश की छवि ध...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
12

जो भी ख़लिश थी दिल में

जो भी ख़लिश थी दिल में एहसास हो गयी हैदर्द निस्बत मुझे कुछ खास हो गयी हैवजूद हर ख़ुशी का ग़म से है इस जहाँ मेंफिर जिंदगी क्यूँ इतनी उदास हो गयी हैचराग़ जल रहा है यूँ मेरी मोहब्बत कादिल है दीया, त...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
6

सीने से लगाये रखना

ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखनाहमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखनाबिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरहमेरे  वजूद  को  पलकों  पे  उठाये  रखनाआज है ग़म तो यक़ीनन ख़ुशी भी आएगीदिल में ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
12

आदमी से आदमी

रखता नहीं है निस्बतें किसी से आदमीरिश्तों को ढ़ो रहा है आजिज़ी से आदमीधोखा फ़रेब खून-ए-वफ़ा रस्म हो गएडरने लगा है अब तो दोस्ती से आदमीमिलती नहीं हवा भी चराग़ों से इस तरहमिलता है जिस तरह से ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
किल्लोल
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