लोकेश नदीश
किल्लोल की पोस्ट्स

लम्हा-ए-विसाल था

शबे-वस्ल तेरी हया का कमाल था सुबह देखा तो आसमां भी लाल था  (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});  कटे हैं यूँ हर पल ज़िन्दगी के अपने नफ़स नफ़स में वो कितना बवाल था  जवाब देते अहले-जहां को, तो क्या तुझी से बा...  और पढ़ें
14 घंटे पूर्व
किल्लोल
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प्यार आपका मिले

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); गुलों की राह के कांटे सभी खफ़ा मिलेमुहब्बत में वफ़ा की ऐसी न सज़ा मिलेअश्क़ तो उसकी यादों के क़रीब होते हैंतिश्नगी ले चल जहाँ कोई मैक़दा मिलेकहूँ कैसे मैं कि इस शहर-ए-वफ़ा में मुझ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
किल्लोल
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अधिकार याद रहे कर्तव्य भूल गए

15 अगस्त को भारत वर्ष में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। हर्ष इस बात का कि इस दिन हमें आजादी मिली और धूम इस बात की कि अब हम पूरी स्वतत्रंता से अपनी मनमानी कर सकते है...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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महके है तेरी याद से

तूफ़ान में   कश्ती  को उतारा नहीं होताउल्फ़त का अगर तेरी किनारा नहीं होताये सोचता हूँ, कैसे गुजरती ये ज़िन्दगीदर्दों का जो है, गर वो सहारा नहीं होतामेरी किसी भी रात की आती नहीं सुबहख़्वाबों को अ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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जिंदगी की तरह

प्यार हमने किया जिंदगी की तरहआप हरदम मिले अजनबी की तरहमैं भी इन्सां हूँ, इन्सान हैं आप भीफिर क्यों मिलते नहीं आदमी की तरहमेरे सीने में भी इक धड़कता है दिलप्यार यूँ न करें दिल्लगी की तरहदोस्त बन...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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मौसम दिखाई देता है

कितना ग़मगीन ये आलम दिखाई देता हैहर जगह दर्द का मौसम दिखाई देता हैदिल को आदत सी हो गई है ख़लिश की जैसेअब तो हर खार भी मरहम दिखाई देता हैतमाम रात रो रहा था चाँद भी तन्हाज़मीं का पैरहन ये नम दिखाई देत...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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कहकशां बनाते हैं

पोशीदा बातों को सुर्खियां बनाते हैंलोग कैसी-कैसी ये कहानियां बनाते हैंजिनमें मेरे ख़्वाबों का नूर जगमगाता हैवो मेरे आंसू इक कहकशां बनाते हैंफासला नहीं रक्खा जब बनाने वाले नेक्यों ये दूरिया...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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छांव बेच आया है-क़तआत

चला शहर को तो वो गांव बेच आया हैअजब मुसाफ़िर है जो पांव बेच आया हैमकां बना लिया माँ-बाप से अलग उसनेशजर ख़रीद लिया छांव बेच आया है-तेरे ही साथ को सांसों का साथ कहता हूँतुझी को मैं, तुझी को कायनात कहत...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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जुगनू से बिखर जाते हैं

जब भी यादों में सितमगर की उतर जाते हैं काफ़िले दर्द के इस दिल से गुज़र जाते हैंतुम्हारे नाम की हर शै है अमानत मेरी अश्क़ पलकों में ही आकर के ठहर जाते हैंकिसी भी काम के नहीं ये आईने अब तोअक्स ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
किल्लोल
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वफ़ा की आँच

जलते हैं दिल के ज़ख्म ये पाके दवा की आँचहोंठों को है जलाती मेरे अब दुआ की आँच अश्क़ों के शरारे समेट कर तमाम रोजख़्वाबों को जगाये है मेरे क्यूं मिज़ा की आंचसोचा था ख्यालों से मिलेगा तेरे सुकून ल...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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बेकल बेबस तन्हा मौसम

बिखरी शाम सिसकता मौसमबेकल बेबस तन्हा मौसमतन्हाई को समझ रहा हैलेकर चाँद खिसकता मौसमशब के आंसू चुनने आयालेकर धूप सुनहरा मौसमचाँद चौदहवीं का हो छत परफिर देखो मचलता मौसमजुल्फ चांदनी की बिखराक...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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देश कहाँ है

इन दिनों देश में एक विचित्र सा वातावरण निर्मित हो गया है। लोगों और समुदायों का आपसी विरोध, देश विरोध तक जा पहुंचा है। इससे न देश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सात समंदर पार भी देश की छवि ध...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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जो भी ख़लिश थी दिल में

जो भी ख़लिश थी दिल में एहसास हो गयी हैदर्द निस्बत मुझे कुछ खास हो गयी हैवजूद हर ख़ुशी का ग़म से है इस जहाँ मेंफिर जिंदगी क्यूँ इतनी उदास हो गयी हैचराग़ जल रहा है यूँ मेरी मोहब्बत कादिल है दीया, त...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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सीने से लगाये रखना

ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखनाहमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखनाबिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरहमेरे  वजूद  को  पलकों  पे  उठाये  रखनाआज है ग़म तो यक़ीनन ख़ुशी भी आएगीदिल में ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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आदमी से आदमी

रखता नहीं है निस्बतें किसी से आदमीरिश्तों को ढ़ो रहा है आजिज़ी से आदमीधोखा फ़रेब खून-ए-वफ़ा रस्म हो गएडरने लगा है अब तो दोस्ती से आदमीमिलती नहीं हवा भी चराग़ों से इस तरहमिलता है जिस तरह से ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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मौसम है दिल में

वीरानियों का वो आलम है दिल मेंमर्ग़-ए-तमन्ना का मातम है दिल मेंठहरा हुआ है अश्कों का बादलसदियों से बस एक मौसम है दिल मेंधुंधला रही है तस्वीर-ए-ख़्वाहिशउम्मीदों का हर सफ़ह नम है दिल मेंमुझको पु...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
किल्लोल
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मार देते हैं

लड़कपन को भी, जो दिल में है अक्सर मार देते हैंमेरे ख़्वाबों को सच्चाई के मंज़र मार देते हैंवफ़ाएं अपनी राह-ए-इश्क़ में जब भी रखी हमनेहिक़ारत से ज़माने वाले ठोकर मार देते हैंनहीं गैरों की कोई फ़िक्र मैं ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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औलाद का फर्ज़

नहीं अब तुम्हें नौकरी नहीं मिल सकती...ऐसा न कहो सेठ जी नौकरी न रही तो मैं और मेरा परिवार भूखा मर जायेगा...मुन्ना ने गिड़गिगते हुए चमन सेठ से कहा।चमन सेठ-तो बिना बताए आठ महीने कहाँ चला गया था, इतने दि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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अच्छा नहीं लगता

मंज़र दिल का उदास अच्छा नहीं लगतातुम नहीं होते पास अच्छा नहीं लगतातेरी क़दबुलन्दी से नहीं इनकार कोईलेकिन छोटे एहसास, अच्छा नहीं लगताजैसे भी हैं हम रहने दो वैसा ही हमकोबनके कुछ रहना खास अच्छा न...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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संवारा नहीं होता

तूफ़ान में   कश्ती  को उतारा नहीं होताउल्फ़त का अगर तेरी किनारा नहीं होताये सोचता हूँ, कैसे गुजरती ये ज़िन्दगीदर्दों का जो है, गर वो सहारा नहीं होतामेरी किसी भी रात की आती नहीं सुबहख़्वाबों को अ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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जलते शहर से

न मिले चाहे सुकूं तेरी नज़र सेबारहा गुजरेंगे पर उस रहगुज़र सेजिसके होंठो पे तबस्सुम की घटा हैआज पी ली है उसी के चश्मे-तर सेआपने समझा दिया मतलब वफ़ा काआह उट्ठी है मेरे टूटे ज़िगर सेग़मज़दा एहसा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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तुम कभी आओ तो

तुम कभी आओ तोमैं घुमाऊँ तुमकोखण्डहर सी ज़िन्दगी केउस कोने में जहाँअब भी पड़ीं हैंअरमानों की अधपकी ईंटेंख़्वाबों के अधजले टुकड़ेअहसास का बिखरा मलबाउम्मीद का भुरभुरा गारातुम कभी आओ तोमैं द...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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आँखों में छिपाये रखना

ख्वाब की तरह से आँखों में छिपाए रखनाहमको दुनिया की निगाहों से बचाए रखनाबिखर न जाऊं कहीं टूटकर आंसू की तरहमेरे वजूद को पलकों पे उठाए रखनाआज है ग़म तो यक़ीनन ख़ुशी भी आएगीदिल में एक शम्मा तो उम्...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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पतझड़ के बाद की बहार

शेष भाग...अपने कमरे पहुंच के मनु की आँखे नम हो गई। उसके कानों में बार-बार पापा की बात ही गूँज रही थी। उसने जैसे तैसे खुद को सयंत किया। इतने आर्ष का फोन आ गया, लेकिन उसने काट दिया।इधर फोन कटने से आर्...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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बेक़रार बहुत थे

रस्ते तो ज़िन्दगी के साज़गार बहुत थेख़ुशियों को मगर हम ही नागवार बहुत थेबिखरे हुये थे चार सू मंज़र बहार केबिन तेरे यूँ लगा वो सोगवार बहुत थेये जान कर भी अहले-जहां में वफ़ा नहींदुनिया की मोहब्...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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आँख में आंसू आये हैं

बनकर तेरी याद की ख़ुश्बू आये हैंदर्द के कुछ कस्तूरी आहू आये हैंरात अमावस की औ"यादों की टिमटिमज्यों राहत के चंचल जुग्नू आये हैंभेजा है पैगाम तुम्हारे ख़्वाबों नेबनकर कासिद आँख में आंसू आये है...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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चंद अशआर

■न तारे, चाँद, गुलशन औ'अम्बर बनाने मेंजरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने मेंअचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरनाकसर छोड़ी न थी उसने मुझे पत्थर बनाने मेंमैं सारी उम्र जिनके वास्ते चुन-चुन के लाया गु...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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मगर चाहता हूँ

मुहब्बत में अपनी असर चाहता हूँवफ़ा से भरी हो नज़र, चाहता हूँतेरा दिल है मंज़िल मेरी चाहतों कीनज़र की तेरी रहगुज़र चाहता हूँकभी बांटकर मेरी तन्हाईयों कोअगर जान लो किस कदर चाहता हूँवफ़ा दौर-ए-...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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संवरना है अभी

अपने होने के हर एक सच से मुकरना है अभीज़िन्दगी है तो कई रंग से मरना है अभीतेरे आने से सुकूं मिल तो गया है लेकिनसामने बैठ ज़रा मुझको संवरना है अभीज़ख्म छेड़ेंगे मेरे बारहा पुर्सिश वालेज़ख्म की ह...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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पतझड़ के बाद की बहार

क्या हुआ इतना परेशान क्यों हो?अरे कुछ नहीं अरु, वो मेरा दोस्त है न प्रकाश उसकी बेटी ...क्या हुआ उसको?अरे हुआ कुछ नहीं, वो किसी लड़के को पसंद करती थी और दो दिन पहले ही उसने घर में किसी को बताए बिना मंद...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
किल्लोल
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